MP By-Poll 2020: मध्यप्रदेश की कांग्रेस इकाई के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने BJP पर आरोप लगाया है कि वो कांग्रेस विधायकों को पैसों का ऑफर दे रहे हैं. कमलनाथ ने चुनाव आयोग से भी सरकारी तंत्र के दुरुपयोग की शिकायत की है. कमलनाथ ने सोमवार को कहा कि भाजपा को 10 नवंबर को आने वाले परिणाम का अभी से अंदेशा हो गया है, इसलिए तो वह परिणाम का इंतजार नहीं कर रही है. सौदेबाजी का खेल अभी से ही शुरू कर दिया है, अब उनके पास सिर्फ सौदेबाजी का ही उपाय बचा है.Also Read - Punjab Polls 2022: पंजाब चुनाव के लिए BJP ने जारी की 34 उम्मीदवारों की पहली LIST, जानें कौन कहां से लड़ेगा चुनाव

Also Read - BJP Candidates List: बीजेपी ने प्रत्याशियों की नई लिस्ट जारी की, कांग्रेस से आईं अदिति सिंह और पूर्व IPS असीम अरुण को टिकट

उन्होंने भाजपा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह जान लें कि मध्यप्रदेश की जनता सरल है, सीधी सादी है, लेकिन बेहद जागरूक है. आज का मतदाता बहुत समझदार है. चुनाव तो प्रजातंत्र का उत्सव होता है, लेकिन यह तो सौदेबाजी का उत्सव हो गया है, बिकाऊ का उत्सव हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर खरीद फरोख्त का आरेाप लगाते हुए कहा कि, कई विधायकों ने फोन करके बताया है कि भाजपा उन्हें प्रलोभन दे रही है, पैसे का ऑफर दे रही है, एडवांस देने की बात कर रही है. Also Read - BJP Theme Song: यूपी चुनाव के लिए बीजेपी का थीम सॉन्ग लॉन्च, 'सोच ईमानदार, काम दमदार' है टैग लाइन

उन्होंने कहा कि मेरा सौदेबाजी की राजनीति में विश्वास नहीं है, मैं चाहता तो मैं भी ऐसी राजनीति कर सकता था लेकिन मै मध्यप्रदेश को कभी कलंकित नहीं होने दूंगा. मैं कभी भी सौदेबाजी की राजनीति नहीं करूंगा. कांग्रेस मध्यप्रदेश में सौदेबाजी की राजनीति नहीं कर एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी. कांग्रेस के कई विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा, भाजपा तो खुद ही कह रही है कि अभी दो-तीन विधायक और आ रहे हैं तो क्या बगैर सौदेबाजी के आ रहे हैं?

उन्होंने कहा कि सात महीने से तो हमारी सरकार भी नहीं है, जनता खुली आंखों से इनकी सच्चाई देख रही है. बीजेपी को जितनी सौदेबाजी की राजनीति करना हो करे, जितना प्रलोभन देना हो दे, हम सौदेबाजी से दूर रहेंगे. भाजपा पर सौदेबाजी की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कमलनाथ ने कहा आज मध्यप्रदेश देश भर में कलंकित हो रहा है. जब एक गांव का साधारण व्यक्ति समझ रहा है कि किस कारण से हमारे प्रदेश में उपचुनाव हो रहे हैं तो क्या देश की जनता इस सच्चाई को नहीं समझती है? तीन नवंबर को प्रदेश की जनता तय करेगी कि वह प्रदेश का कैसा भविष्य चाहती है.

चुानाव आयोग को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कमल नाथ ने बताया कि, इस चुनाव में हमारा मुकाबला भाजपा से ही नहीं बल्कि प्रशासनिक तंत्र से भी है. इसको लेकर मैंने आज ही चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. छोटे-छोटे शासकीय कर्मचारियों पर भाजपा के पक्ष में काम करने के लिए दबाव डाला जा रहा है. कमलनाथ ने अधिकारियों को चेताया कि भाजपा के पक्ष में काम करने वाले अधिकारी यह जान ले कि 10 के बाद 11 तारीख भी आएगी.

(इनपुट: IANS)