नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक आजीबों-गरीब घटना सामने आई है. यहां एक 32 वर्षीय महिला पर अपने पति की हत्या करने का आरोप लगाया गया है. हत्या के बाद उसने शव को रसोई के स्लैब के नीचे दफन कर दिया जहां वह लंबे समय तक शव को छिपाने में कामयाब रही. यह सब तब शुरू हुआ जब 35 वर्षीय महेश बनवाल के 22 अक्टूबर को करोंदी गांव स्थित घर से लापता होने की सूचना मिली. महेश बानवाल की पत्नी प्रमिला की शिकायत के बाद पुलिस ने एक लापता व्यक्ति के मामले में शिकायत दर्ज की.

हालांकि, इस मामले में नया मोड़ 21 नवंबर को आया जब महेश के बड़े भाई अर्जुन ने पुलिस से संपर्क किया. पीड़ित के भाई ने पुलिस को बताया कि उसके भाई के लापता होने के बाद, वह और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसके घर आने की कोशिश की, लेकिन उसकी पत्नी प्रमिला ने आने नहीं दिया. अर्जुन ने पुलिस को बताया कि पिछले महीने कई बार मैंने अपने भाई के घर जाने की कोशिश की लेकिन हर बार उसकी पत्नी बुरा बर्ताव करती और गालियां देकर भगा देती. इस सूचना के बाद पुलिस की एक टीम को गांव भेजा गया. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को प्रमिला के घर से दुर्गंध आ रही थी.

एसएचओ अमरकंटक भानु प्रताप सिंह ने कहा, एक बार जब हमें महसूस हुआ कि घर के अंदर से दुर्गंध आ रही है, तो पूरी जगह की तलाशी ली गई. आखिरकार, हमने रसोई के स्लैब को जीरो-इन किया और खुदाई शुरू हुई. खुदाई के दौरान रसोई स्लैब के नीचे एक सड़ा-गला शव मिला. शव को जहां दफनाया गया था प्रमिला उसी स्थान पर पिछले एक महीने से खाना बनाती आ रही थी.

पुलिस द्वारा शव को गड्ढे से बाहर निकालते ही आरोपी प्रमिला ने असहज महसूस करने लगी. कुछ देर बाद अचानक उसने रोना शुरू कर दिया और पुलिस को बताया कि उसे फंसाया जा रहा है. प्रमिला ने आरोप लगाया कि उसके सबसे बड़े बहनोई गंगाराम बनवाल ने उसे अपराध करने में मदद की. पुलिस ने कहा कि प्रमिला ने दावा किया कि महेश का गंगाराम की पत्नी के साथ संबंध था और दोनों ने उसे मारने की योजना बनाई थी. हालांकि पूछताछ में गंगाराम ने हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है. पुलिस ने बताया कि प्रमिला की चार बेटियां हैं. इस केस को सुलझाने में महेश के बड़े भाई अर्जुन बनवाल की शंका ने मुख्य भूमिका निभाई.