Cyclone Nisarga in Madhya Pradesh: महाराष्ट्र में चक्रवात ‘निसर्ग’ की दस्तक से मध्य प्रदेश सरकार भी सचेत हो गई है. राज्य के पश्चिमी हिस्से के इंदौर और उज्जैन संभागों के अधिकारियों को संभावित प्राकृतिक आपदा के प्रति आगाह करते हुए इससे निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ‘निसर्ग’ कल बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से 11 बजे के बीच महाराष्ट्र से खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है. हालांकि, इसकी आमद से पहले के मौसमी प्रभाव के तहत राज्य के कुछ स्थानों पर बारिश शुरू हो चुकी है. Also Read - मध्य प्रदेश के इंदौर, रीवा एवं उज्जैन संभागों में भारी बारिश की चेतावनी

अधिकारी ने बताया कि इंदौर और उज्जैन संभाग में ‘निसर्ग’ का प्रभाव अगले दो-तीन तक बना रह सकता है. इस दौरान तेज हवा-आंधी चलने के साथ गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है और कई स्थानों पर बिजली गिर सकती है. उन्होंने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है. अधिकारी ने हालांकि पूर्वानुमान जताया कि महाराष्ट्र के मुकाबले मध्य प्रदेश में चक्रवात की तीव्रता कम रह सकती है. Also Read - दिग्विजय सिंह का सिंधिया को जवाब- एक जंगल में एक ही शेर रहता है

इस बीच, राज्य के जनसम्पर्क विभाग ने बताया कि इंदौर और उज्जैन संभाग में अधिकारियों से कहा गया है कि वे ध्वनि विस्तारक यंत्रों और सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों को चक्रवाती तूफान के खतरों के प्रति सचेत करें और जरूरत पड़ने पर गांवों में मुनादी भी कराएं. इसके साथ ही, संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयार रहा जाए. Also Read - शिवराज मंत्रिमंडल का हो गया विस्तार, 20 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री शामिल

दोनों संभागों के कुछ केंद्रों में किसानों से गेहूं एवं चने की सरकारी खरीद अभी जारी है. ऐसे में खरीदे गए अनाज को सुरक्षित स्थानों पर तुरंत रखवाने के निर्देश भी दिए गए हैं. इस बीच, ‘निसर्ग’ को लेकर इंदौर में हुई एक बैठक में जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक जिले में कल बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे लेकर से दोपहर एक बजे के बीच इस चक्रवाती तूफान का असर दिख सकता है. जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे इस अवधि में एहतियात के तौर पर अपने घरों में ही रहें. तूफान की स्थिति पर नजर रखते हुए संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के कदम उठाने के लिए इंदौर नगर निगम में नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है.