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Bharat vs India: कैलाश विजयवर्गीय बोले- यह भाजपा का एजेंडा नहीं, यह विवाद कैसे आया, नहीं जानता
BJP महासचिव Kailash Vijayvargiya ने कहा कि देश के नाम को लेकर भारत बनाम इंडिया से हमारी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है
इंदौर: बीजेपी (BJP ) महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने आज शनिवार को कहा कि देश के नाम को लेकर ‘भारत बनाम इंडिया’ (Bharat vs India) के विवाद से उनके दल का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन कई लोग मानते हैं कि ‘इंडिया’ शब्द अंग्रेजों की देन है. इस विवाद पर विजयवर्गीय ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि यह विवाद भाजपा का एजेंडा या विषय नहीं है और वह नहीं जानते कि यह विवाद कैसे सामने आया और कैसे इस पर बहस शुरू हो गई.
भाजपा महासचिव ने कहा, ”लेकिन हां, देश के कई लोगों का यह मत जरूर है कि चूंकि इंडिया अंग्रेजों का दिया शब्द है, इसलिए देश को भारत के रूप में ही संबोधित किया जाना चाहिए. पुराणों के एक श्लोक में भी देश का परिचय भारत के रूप में ही दिया गया है
.” यह पूछे जाने पर कि क्या सत्तारूढ़ भाजपा मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर लड़ रही है तो विजयवर्गीय ने जवाब दिया, अटलबिहारी वाजपेयी के जमाने में हम नारा लगाते थे- बच्चा-बच्चा अटलबिहारी. अब मोदी हमारे बड़े नेता हैं… तो जो नेता है, उसका नाम तो (प्रचार अभियान में) आता ही है.
विजयवर्गीय ने कहा कि राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के कुछ नेताओं के कांग्रेस में जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. विजयवर्गीय ने कहा, भाजपा, कार्यकर्ता आधारित पार्टी है. जब कुछ लोगों की दलीय विचारधारा पर उनकी निजी महत्वाकांक्षाएं हावी हो जाती हैं, तो ऐसे लोग पार्टी छोड़ देते हैं. ऐसे लोग हमारी पार्टी के काबिल भी नहीं होते.
विजयवर्गीय ने एक सवाल पर कहा कि उन्होंने भाजपा संगठन के सामने खुद चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई है क्योंकि वह चुनावों में नये चेहरों को मौका दिए जाने के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा,….लेकिन मैं भाजपा का सिपाही हूं. अगर संगठन मुझे मोर्चे पर डटे रहने का आदेश देगा, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा.
इंदौर में शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा मीडिया कर्मियों से कथित बदसलूकी पर भाजपा महासचिव ने कहा कि उनका यह बर्ताव आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगे भड़काने की मानसिकता याद दिलाता है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कमलनाथ मांग-मातंग समुदाय के एक कार्यक्रम में मंच के सामने मीडिया के कैमरामैन के खड़े होने से भड़क गए थे और उन्होंने कड़े शब्दों में उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल जाने को कह दिया था. संवाददाताओं के अलग-अलग संगठनों ने भी कमलनाथ के इस बर्ताव की निंदा की है. ( भाषा)
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