भोपाल: यहां सरकारी भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में हुई लापरवाही के चलते 57 वर्षीय ईसाई व्यक्ति का शव एक हिंदू परिवार को सौंप दिया गया, जिससे उसका अंतिम संस्कार ईसाई रीति-रिवाज की बजाय हिंदू रीति-रिवाज से कर दिया गया. निशातपुरा थाना प्रभारी युवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बताया कि ‘इस मामले में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए बीएमएचआरसी प्रबंधन एवं ईसाई व्यक्ति कुंजुमोन केपी के शव को दफनाने के बजाय दाह संस्कार करने वाले लोगों के खिलाफ भादंवि की धारा 297 के तहत मामला दर्ज किया गया है.’ वहीं, ईसाई शख्स के परिजन अस्थियां मांग रहे हैं. वह ईसाई परंपरा के अनुसार अस्थियां ही दफनाना चाहते हैं.

मृतक कुंजुमोन के परिचित रिज्जी जोसफ ने बताया कि बीएमएचआरसी अस्पताल में उपचार करा रहे भोपाल शहर के आशोका गार्डन इलाके में रहने वाले कुंजुमोन का दिल का दौरा पड़ने से 27 अक्टूबर को निधन हो गया था. चूंकि उनके अधिकतर रिश्तेदार केरल में रहते हैं, इसलिए परिजनों ने शव को 29 अक्टूबर तक बीएमएचआरसी अस्पताल स्थित मुर्दाघर में रखवा दिया था. उन्होंने कहा कि 29 अक्टूबर को जब उनका बेटा, दो बेटी एवं रिश्तेदार शव लेने अस्पताल गये, तो उन्हें अस्पताल के कर्मचारियों ने दूसरे व्यक्ति का शव सौंप दिया. जोसफ ने बताया कि किसी अन्य व्यक्ति का शव सौंपने पर जब कुंजुमोन के परिजनों ने विरोध किया. विरोध के बाद बीएमएचआरसी के कर्मचारियों को अपनी गलती का एहसास हुआ कि उन्होंने जिले के बाहरी इलाके स्थित बडवई गांव के रहने वाले कुशीलाल के परिजनों को कुंजुमोन का शव दे दिया.

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कुशीलाल का निधन भी 27 अक्टूबर को हुआ था और उसे बीएमएचआरसी अस्पताल के मुर्दाघर में ही रखा गया था. उन्होंने कहा कि गलती का एहसास होने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने कुशीलाल (मृतक) के बेटे प्रेम नारायण से संपर्क किया. इसके बाद वह बीएमएचआरसी अस्पताल आया और कर्मचारियों के साथ-साथ कुंजुमोन के रिश्तेदारों को बताया कि उसने कुंजुमोन का अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर (रविवार) को कर दिया है और उसकी अस्थियों को भोपाल के निकट होशंगाबाद जिले में नर्मदा नदी में विसर्जित कर दिया है. जोसफ ने कहा कि प्रेम नारायण ने बीएमएचआरसी अस्पताल के कर्मचारियों एवं कुंजुमोन के रिश्तेदारों को बताया कि उन्होंने कुशीलाल के चेहरे से कवर नहीं हटाया था, क्योंकि वह टीबी की बीमारी से मरा था और उन्हें आशंका थी कि कवर हटाने से वे भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं.

उन्होंने कहा कि क्योंकि कुंजुमोन का अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका है, इसलिए हमारे पास शोक सभा करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है. जोसफ ने कहा कि हम मंगलवार को उसकी आत्मा को शांति देने के लिए शोक सभा करेंगे. वहीं, निशातपुरा पुलिस थाना प्रभारी चौहान ने बताया कि कुशीलाल के शव को मंगलवार को उसके परिजन को अंतिम संस्कार करने के लिए सौंप दिया गया है. चौहान ने कहा कि हम कुंजुमोन के परिजन से संपर्क कर रहे हैं, ताकि उसकी अस्थियों को दफनाया जा सके. उन्होंने बताया कि कुशीलाल के परिवार के सदस्यों पर भी कुंजुमोन के शव का हिन्दू रीति-रिवाज के तहत अंतिम संस्कार करने के लिए मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि ऐसा कर उन्होंने गलती की है. बीएमएचआरसी अस्पताल के निदेशक एवं अन्य अधिकारियों से फोन पर बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया.