नई दिल्लीः महिलाओं को उनका हक देने को लेकर देश की सभी पार्टियां बड़ी-बड़ी बातें करती हैं. कुछ ऐसी ही बातें मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के दौरान भी हो रही है. राज्य के दोनों प्रमुख दल सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस महिलाओं को उनका हक देने के मामले में फिसड्डी हैं. राज्य की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए टिकटों के बंटवारे में दोनों दलों ने बेहद कम संख्या में महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है.

सत्ताधारी भाजपा ने चुनाव से पहले दो दृष्टि पत्र- समृद्ध मध्य प्रदेश दृष्टि पत्र और नारी शक्ति संकल्प पत्र जारी किए हैं लेकिन वास्तविक रूप में वह नारी शक्ति को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठा रही है, इसका पता चुनाव में महिलाओं को टिकट देने की संख्या से पता चलता है. भाजपा ने अपने चुनावी वादे में प्रतिभाशाली लड़कियों को ऑटोगियर वाली बाइक देने की बात कही है. वहीं कांग्रेस ने भी कहा है कि वह लड़कियों को बाइक खरीदने के लिए कम ब्याज दर लोन उपलब्ध करवाएगी.

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अगर दोनों दलों की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा ने 10 फीसदी और कांग्रेस ने 12 सीटों पर महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है. 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने केवल 28 महिलाओं को टिकट दिया है वहीं सत्ताधारी भाजपा केवल 24 सीटों पर महिलाओं को उतार पाई हैं. कांग्रेस ने अनुसूचित जाति की छह और अनुसूचित जनजाति की नौ महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है. दूसरी तरफ भाजपा ने अनुसूचित जनजाति की आठ और अनुसूचित जाति की एक महिला को उम्मीदवार बनाया है.

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भाजपा की सूची में शिवराज सरकार की दो कैबिनेट मंत्रियों- यशोधरा राजे सिंधिया और अर्चना चिटनिस के नाम हैं. इसके अलावे इंदौर की विधायक उषा ठाकुर महू से चुनाव लड़ रही हैं. पार्टी की एक मात्र महिला उम्मीदवार भोपाल से फातिमा सिद्दिकी हैं. वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रसूल अहमद सिद्दिकी की बेटी हैं. वह कांग्रेस उम्मीदवार आरीफ इकबाल के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं.