भोपाल: मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों के द्वारा इस्तीफे देने के बाद राज्‍य मेंचल रही सियासी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा यहां बुधवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर कथित रूप से मारपीट एवं उपद्रव करने के मद्देनजर भोपाल पुलिस ने एहतियात के तौर पर इन दोनों दलों के यहां स्थित प्रदेश कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ी दी है. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से एक और मौत, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 47 हुई

भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने गुरुवार को बताया, ‘‘हमने भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय एवं कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की बृहस्पतिवार सुबह से सुरक्षा बढ़ा दी है. इन दोनों दलों के प्रदेश कार्यालयों में अतिरिक्त 200-200 पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है.’’यह कदम कल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव के बाद हुई घटना के बाद उठाया गया है. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

बता दें कि कांग्रेस द्वारा उपेक्षा किए जाने से परेशान होकर ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी छोड़ 11 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए. उनके इस कदम से मध्यप्रदेश के 22 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिनमें से अधिकांश सिंधिया के कट्टर समर्थक हैं. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

14 मार्च शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष ने छह विधायकों के त्यागपत्र मंजूर कर लिए, जबकि शेष 16 विधायकों के त्यागपत्र पर अध्यक्ष ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार गिरने की कगार पर पहुंच गई है. ये सभी विधायक बेंगलुरु में डेरा डाले हुए हैं. सदन में शक्ति परीक्षण कराने की मांग संबंधी याचिका की सुनवाई उच्चतम न्यायालय में चल रही है.

इन विधायकों से बेंगलुरु में मिलने गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह सहित मध्यप्रदेश कांग्रेस के कुछ मंत्रियों को कर्नाटक पुलिस द्वारा बुधवार की सुबह कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की घटना से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम को भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव किया, जिसका भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कथित रूप से मारपीट की और उपद्रव भी किया.

इस मामले में पुलिस ने 58 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हबीबगंज इलाके के नगर पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि भाजपा जिला अध्यक्ष विकास विरानी की शिकायत पर पुलिस ने राहुल राठौर सहित आठ लोगों के खिलाफ नामजद और 50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (उपद्रव), 323 (मारपीट) और 506 (धमकी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार मध्यप्रदेश में जल्द ही गिरने वाली है इसलिए भाजपा कार्यालय पर हमला किया गया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, हम अपने कार्यालय में शांतिपूर्वक बैठे थे. तभी कांग्रेस के लोगों ने पत्थरों और लाठियों से हमारे ऊपर हमला कर दिया. हालांकि, हबीबगंज पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि घटना में किसी को चोट नहीं आई है. विरोध प्रदर्शन में हमें हिंसा की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

कोठारी के आरोपों से इंकार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता वहां :भाजपा कार्यालय: गए थे लेकिन विरोध करने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता कर्नाटक की भाजपा सरकार के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना चाहते थे. कर्नाटक की भाजपा सरकार ने बेंगलुरु में हमारे नेता दिग्विजय सिंह को हमारे ही विधायकों से नहीं मिलने दिया था.

इसी बीच, मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर कांग्रेसियों के हमले को मुख्यमंत्री कमलनाथ की शह पर किया गया कायराना कृत्य बताया है. उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक तरीके से सदन में भाजपा से नहीं निपट पा रहा, वह अब ओछी और आपराधिक हरकतों पर उतर आया है. शर्मा ने कहा लेकिन भाजपा कार्यकर्ता इस सरकार को और कांग्रेस को सदन में भी जवाब देगा और सड़क पर भी.