इंदौर: मध्यप्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता भंवर सिंह शेखावत ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ मोर्चा खोला है और उन पर पार्टी को कमजोर करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पूर्व विधायक शेखावत केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी माने जाते हैं. शेखावत पिछला चुनाव बदनावर विधानसभा क्षेत्र से लड़े थे और उन्हें राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव से हार का सामना करना पड़ा था. राज्यवर्धन सिंह अब भाजपा में हैं और उनका भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर उपचुनाव लड़ना तय है.Also Read - Omicron variant new strain: इंदौर में ओमीक्रोन वैरियंट के नए स्ट्रेन BA.2 के कई मामल मिले, 6 बच्चे भी आए चपेट में

कहा जाता है कि शेखावत की हार में भाजपा के बागी राजेश अग्रवाल की बड़ी भूमिका थी, क्योंकि वे चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गए थे. अग्रवाल को अब भाजपा की सदस्यता दिला दी गई है. इससे शेखावत की नाराजगी और बढ़ गई है. शेखावत ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान पार्टी के महासचिव विजयवर्गीय पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शेखावत का आरोप है कि विजयवर्गीय अपने कार्य क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहे हैं. वे उन लागों के साथ हैं, जिन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने कहा, “पिछले चुनाव में मेरे खिलाफ राजेश अग्रवाल को चुनाव लड़ाया, उसे पैसे दे दिए, जिसने हराने का काम किया. अब उसे पार्टी की सदस्यता दिला दी. इतना ही नहीं, उसे कैबिनेट मंत्री तक बनाने की बात कही.” Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

शेखावत का कहना है, “जिन लोगों ने खून-पसीना बहाकर पार्टी को खड़ा किया है, उनके सामने विजयवर्गीय यह संदेश दे रहे हैं कि जिसने पार्टी को हराया है, उसे हम कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे रहे हैं. इससे उस क्षेत्र का वातावरण खराब हुआ है. यह आगामी समय में चुनाव में कष्ट तो देगा. कार्यकर्ता सम्मान चाहता है, अपमान नहीं. इन स्थितियों की जानकारी पार्टी संगठन को मैं दे चुका हूं.” भाजपा के वरिष्ठ नेता शेखावत कहते हैं कि समझ में नहीं आता कि विजयवर्गीय के कृत्यों पर पार्टी चुप क्यों है. समय रहते पार्टी को विजयवर्गीय पर कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो आने वाले समय में पार्टी को नतीजे खराब दिखेंगे. Also Read - भारत में 2 सालों में पेड़, वन क्षेत्र में 2261 वर्ग KM की बढ़ोतरी हुई : ISFR Report

कांग्रेस के विधायकों के इस्तीफे का जिक्र करते हुए शेखाववत ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों के त्याग के कारण राज्य में भजपा की सरकार बनी है. कुछ लोग इसे खोने में लगे हुए हैं. उन तत्वों को रोकना चाहिए. शेखावत का तो यहां तक आरोप है कि विजयवर्गीय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्येातिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को आगामी उपचुनाव में हरवाकर बदला लेना चाहते हैं, क्योंकि एमपीसीए के चुनाव में सिंधिया ने तीन बार विजयवर्गीय को हराया है. बदनावर, हाटपिपिल्या और सांवेर वे सीटें हैं, जहां सिंधिया समर्थक भाजपा से चुनाव लड़ने वाले हैं. शेखावत अपेक्स बैंक के चेयरमैन भी रहे हैं और उनकी गिनती केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करीबियों में होती है. वे पिछला चुनाव बदनावर से हारे थे.