इंदौर. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 28 नवंबर को हुए थे. अब लोग 11 दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं, जिस दिन मतगणना होगी. लेकिन इससे पहले मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता ने अजीबो-गरीब बयान दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने मध्यप्रदेश के हालिया विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के गढ़े गए ‘अबकी बार 200 पार’ के नारे की तुलना कांग्रेस के 5 दशक पुराने ‘गरीबी हटाओ’ से की. बुधवार को उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी नारे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के मकसद से दिए जाते हैं और आवश्यक नहीं कि ये नारे हर बार हकीकत में पूरी तरह बदल ही जाएं.

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यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा मध्यप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के चुनावों में अपने नारे के मुताबिक 200 से ज्यादा सीटें जीत पाएगी, झा ने कहा, “चुनावी नारे पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए दिए जाते हैं, ताकि वे लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं. हमने अपने नारे (अबकी बार 200 पार) को फलीभूत करने के लिए 28 नवम्बर को हुए चुनावों में पूरी मेहनत की. लेकिन जरूरी नहीं कि जो लक्ष्य तय किया जाए, वह हर बार हकीकत में अक्षरशः बदल ही जाए.” भाजपा नेता ने कहा, “इंदिरा गांधी ने भी वर्ष 1971 के आम चुनावों में गरीबी हटाओ का नारा दिया था. क्या इस नारे की बदौलत कांग्रेस की सरकारों ने देश से गरीबी मिटा दी?”

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों की 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना से पहले झा भाजपा की सीटों के आंकड़े को लेकर कोई भी पूर्वानुमान लगाने से बचते दिखाई दिए. सूबे में भाजपा के चुनावी रणनीतिकारों में शामिल नेता ने कहा, “मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं, जो सटीक तौर पर अभी से बता सकूं कि हम राज्य में कितनी सीटें जीतेंगे. हालांकि, मुझे उम्मीद है कि महिलाओं, गरीबों, आदिवासियों और अनुसूचित जाति के लोगों के समर्थन से हम इस बार सुविधाजनक बहुमत हासिल कर राज्य में लगातार चौथी बार भाजपा की सरकार बनाएंगे.”

सूबे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस के सवाल उठाये जाने पर झा ने कहा, “पिछले लोकसभा चुनावों में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे कांग्रेस नेता ईवीएम के जरिए हुए मतदान से ही जीते थे. लेकिन चुनावी नतीजों से पहले मीडिया में जगह पाने के लिए अनर्गल बयानबाजी करना कांग्रेस नेताओं के स्वभाव का हिस्सा बन चुका है.” बता दें कि मध्यप्रदेश के भोपाल, सागर और अनूपपुर में ईवीएम की सुरक्षा में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे. भोपाल में जहां स्ट्रांग रूम में कुछ देर तक लाइट चली गई थी, वहीं सीसीटीवी कैमरा भी बंद था. सागर में मतदान के दो दिन बाद बिना नंबर वाली गाड़ी से ईवीएम लाए जाने को लेकर भी कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की है. इसके अलावा अनूपपुर में मतदान के तीन दिन बाद ईवीएम को स्ट्रांग रूम में लाने की घटना सामने आई थी.

(इनपुट – एजेंसी)