भोपाल: भाजपा नेताओं ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर कहा कि राज्य में कमल नाथ सरकार अल्पमत में है, इसके बावजूद राज्य में असंवैधानिक तरीके से संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं. इन नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए. भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रदेशाध्यक्ष वी.डी. शर्मा सहित अन्य नेता शामिल थे. Also Read - दीया जलाने के दौरान बीजेपी महिला जिला अध्यक्ष ने की थी फायरिंग, FIR दर्ज, अब मांग रहीं माफी

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उनका कहना है कि बेंगलुरू गए कांग्रेस के बागी विधायक प्रदेश की कमल नाथ सरकार के खिलाफ हैं. यह बात स्वयं विधायकों ने जाहिर कर दी है. उन्होंने कहा, “बागी विधायकों ने यह बात साफ कर दी है कि उन्हें बंधक बनाकर नहीं रखा गया है, वे अपनी मर्जी से यहां आए हैं. इससे कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप झूठे साबित होते हैं. वहीं विधायकों ने यह भी कहा कि वे वर्तमान कांग्रेस सरकार के खिलाफ हैं.” Also Read - मध्य प्रदेश में बेकाबू रेत माफिया लॉकडाउन में भी कर रहे हैं खनन, ग्वालियर में सरकारी अमले पर किया हमला

उन्होंने कहा, “वर्तमान सरकार अल्पमत में है, उसके बाद भी संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं. महिला आयोग अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष जैसे पदों पर नियुक्तियां कर दी गई हैं. दागी अफसर को मुख्य सचिव बना दिया गया है. इसी तरह विद्युत नियामक आयोग में नियुक्ति की कोशिश हो रही है.” पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कमल नाथ पर तंज कसते हुए कहा, “कमल नाथ अब इधर-उधर की बात न कर फ्लोर टेस्ट कराएं, इसके जरिए दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, अगर सरकार बहुमत में है तो वह बताएं. फ्लोर टेस्ट से डरते क्यों हैं? यह उनकी ओर से सिर्फ समय आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है.” Also Read - RSS ने साधा जमात पर निशाना, कहा- नर्सों के साथ गलत हरकत करना विकृत मानसिकता....

शिवराज ने कहा, “वर्तमान सरकार किसी तरह अपने को बचाने की कोशिश कर रही है, मगर यह बचने वाली नहीं है, भाजपा के विधायकों ने राज्यपाल के सामने परेड की है. संख्या का गणित स्पष्ट है. यह सरकार बहुमत खो चुकी है और भाजपा को आज उपलब्ध विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर बहुमत है, इन स्थितियों में सिर्फ फ्लोर टेस्ट एकमात्र तरीका है.” भाजपा की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 22 विधायक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. इसके चलते राज्य की कमल नाथ सरकार अल्पमत में आ गई है. बीते तीन दिनों में राज्यपाल लालजी टंडन की ओर से दो पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कमल नाथ को फ्लोर टेस्ट के लिए कहा गया, मगर उस पर अमल नहीं हुआ.

राज्यपाल ने 17 मार्च तक फ्लोर टेस्ट कराने को कहा था और साथ ही कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है तो माना जाएगा कि सरकार को बहुमत नहीं है. इसी बात को लेकर भाजपा का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा. राजभवन में भाजपा नेताओं की राज्यपाल से चर्चा हुई है.