इंदौर: मध्‍य प्रदेश के इंदौर में जर्जर मकान गिराने गई इंदौर नगर निगम की टीम के साथ बुधवार को विवाद के दौरान शहरी निकाय के एक अधिकारी को क्रिकेट बल्ले से पीटने के मामले में गिरफ्तार बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय को जमानत देने से स्थानीय अदालत ने इनकार कर दिया है. कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करने के बाद भाजपा विधायक को 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) गौरव गर्ग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विजयवर्गीय की जमानत याचिका खारिज कर दी. याचिका पर सुनवाई के दौरान जिला अदालत परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. परिसर में बड़ी तादाद में भाजपा विधायक के समर्थक मौजूद थे .

क्रिकेट बैट से नगर निगम अधिकारियों की पिटाई में बीजेपी एमएलए आकाश विजयवर्गीय अरेस्‍ट

जिला लोक अभियोजन अधिकारी अकरम शेख ने बताया कि अदालत ने जमानत याचिका खारिज करने के बाद भाजपा विधायक को 11 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. शेख ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने इस याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर निगम के एक भवन निरीक्षक से सरेआम मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले आरोपी को जमानत का लाभ कतई नहीं दिया जाना चाहिए.

उधर, बचाव पक्ष के वकीलों में शामिल पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, “हमने अदालत के सामने दलील रखी कि नगर निगम के अधिकारियों ने मकान खाली कराने की कोशिश के दौरान महिलाओं से बदसलूकी की. इन परिस्थितियों में विधायक का आवाज उठाना जनता के हित में है.”

34 साल के आकाश भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं और नवंबर 2018 का विधानसभा चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने. विधायक ने आरोप लगाया कि गंजी कम्पाउंड क्षेत्र में एक मकान को बेवजह जर्जर बताकर खाली कराने गये नगर निगम के अधिकारियों ने इस घर में रहने वाली महिलाओं के साथ बदसलूकी की.

भाजपा विधायक ने सूबे में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं और नगर निगम के अधिकारियों के बीच भ्रष्ट सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के पक्के मकानों को बेवजह जर्जर बताकर खाली कराने का “कारोबार” चलाया जा रहा है.

VIDEO: BJP के राष्‍ट्रीय महासचिव के विधायक बेटे ने सरकारी कर्मचारियों की ऐसी की पिटाई

इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्रा ने बताया कि विजयवर्गीय और 10 अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक को भयभीत कर उसे उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिये उस पर हमला), 294 (गाली-गलौज), 323 (मारपीट), 506 (धमकाना), 147 (बलवा) और 148 (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई. इस बात की शिनाख्त की जा रही है कि घटना में भाजपा विधायक के अलावा और कौन लोग शामिल थे.

नगर निगम के भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस (46) ने एमजी रोड पुलिस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि वह सरकारी दल-बल के साथ खतरनाक रूप से जर्जर मकान को ढहाने पहुंचे, तो आकाश विजयवर्गीय ने मौके पर पहुंचकर उन्हें धमकाते हुए वहां से चले जाने को कहा.