इंदौर: सोशल मीडिया पर बुधवार को आए एक वीडियो में मध्यप्रदेश की बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से को कथित तौर पर “राष्ट्रवादी” बताया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है. संबंधित वीडियो में एक निजी समाचार चैनल का संवाददाता ठाकुर से पूछता सुनाई पड़ रहा है कि क्या वह गोड़से को राष्ट्रवादी मानती हैं? इस सवाल पर भाजपा विधायक यह जवाब देती सुनाई पड़ रही हैं, “वह तो राष्ट्रवादी हैं ही.” गांधी के हत्यारे पर भाजपा विधायक के विवादास्पद बयान को लेकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई. लेकिन अब तक उनसे संपर्क नहीं हो सका है.

बता दें कि ठाकुर, विधानसभा में इंदौर जिले के महू क्षेत्र की नुमाइंदगी करती हैं. वह भाजपा की प्रदेश इकाई की उपाध्यक्ष भी हैं.

वीडियो के मुताबिक गोड़से के बारे में पूछे गए अन्य प्रश्न पर ठाकुर ने कहा, “यह तो वह ही जान सकते हैं कि क्या काल-परिस्थिति रही होगी जो उन्होंने यह फैसला (गांधी की हत्या) किया. मैं सोचती हूं कि आपको और हमें तो इस बारे में टिप्पणी भी नहीं करनी चाहिए.”

इस बीच, भाजपा की प्रदेश इकाई की अनुशासन और छानबीन समिति के संयोजक बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा, “गोड़से को लेकर मीडिया के एक तबके द्वारा भाजपा नेताओं से लगातार अनर्गल सवाल क्यों किए जा रहे हैं? मौजूद वक्त में ये सवाल सरासर अप्रासंगिक हैं.” रघुवंशी ने कहा, “जहां तक सोशल मीडिया पर ठाकुर के वायरल वीडियो का प्रश्न है, मुझे लगता है कि इस वीडियो को काट-छांट कर पेश किया गया है और केवल एक शब्द को पकड़कर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है.”

बहरहाल, पखवाड़े भर में यह दूसरा मौका है, जब प्रदेश में बीजेपी की महिला नेताओं द्वारा गोड़से पर विवादास्पद बयानबाजी के चलते पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा हो. बीजेपी नेता प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा गांधी के हत्यारे को “देशभक्त” बताए जाने वाला बयान पार्टी के लिए पहले ही मुश्किलें खड़ी कर चुका है. हालांकि, भाजपा ने गांधी के हत्यारे पर प्रज्ञा के कथन से कड़ी असहमति जताई थी, जिसके बाद भोपाल की नवनिर्वाचित सांसद को अपने इन विवादास्पद बोलों के लिये सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी.

उधर, राज्‍य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, “गोड़से को लेकर प्रज्ञा और ऊषा ठाकुर के विवादास्पद बयानों के बाद भाजपा के छद्म राष्ट्रवाद का असली चेहरा सामने आ गया है. दोनों भाजपा नेताओं ने गांधी के हत्यारे को महिमामंडित करने का महापाप किया है.” शुक्ला ने मांग की, “भाजपा को चाहिए कि वह प्रज्ञा और ऊषा ठाकुर को पार्टी से फौरन निष्कासित करे और उनके जहरीले बयानों के लिए देश से माफी मांगे.”