सागर: भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की कांग्रेस नीत सरकार पर मंगलवार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि वह सागर जिले में 24 वर्षीय दलित धनप्रसाद अहिरवार की आग लगाकर हत्या करने वालों पर इसलिए हाथ नहीं डाल रही है, क्योंकि वे अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं.

धनप्रसाद अहिरवार की हत्या के विरोध में भाजपा द्वारा सागर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 25-30 बदमाशों ने धनप्रसाद के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी. चौहान ने कहा कि भाजपा की मांग है कमलनाथ सरकार धनप्रसाद के हत्यारों को फांसी दे और उसकी पत्नी पूजा को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दे.

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लेकिन यह पहला मौका नहीं था. इससे पहले 2019 में भी धनप्रसाद से इन्हीं लोगों ने झगड़ा किया था. उस समय भी वे उसे मारना चाहते थे, लेकिन लोगों ने बीच-बचाव कर दिया था.

चौहान ने कहा कि उसी समय अगर प्रशासन चेत जाता, झगड़ा करने वालों को सबक सिखाया होता, तो यह घटना नहीं होती.

पूर्व सीएम कहा, ‘‘इस घटना के बाद सरकार की यह ड्यूटी थी कि वह धनप्रसाद को जलाने वालों को गिरफ्तार करती. लेकिन चूंकि वे अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं, इसलिए सरकार ने उन पर हाथ नहीं डाला. पूजा और उसके पति गरीब थे, दलित थे, इसलिए उनकी आवाज नहीं सुनी गई.” चौहान ने कहा कि इस सरकार ने धनप्रसाद को आग लगाने वालों पर कार्रवाई तो दूर, उसका इलाज तक नहीं करवाया. लगातार इस घटना को दबाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को यह जवाब देना पड़ेगा कि धनप्रसाद को क्यों बर्न वार्ड में भर्ती नहीं कराया? क्यों जनरल वार्ड में तड़पने में छोड़ दिया.

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि अगर राहुल बाबा, सोनिया जी, प्रियंका जी में जरा भी हिम्मत है, तो अहिरवार की विधवा पूजा बेटी के आंसुओं को बांटने और कमलनाथ से इन अत्याचारों का जवाब मांगने सागर की धरती पर आकर दिखाओ.

बता दें सागर शहर के मोतिनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले धनप्रसाद अहिरवार को उसके पड़ोसियों छुट्टू, अज्जू पठान, कल्लू और इरफान सहित अन्य लोगों ने 14 जनवरी को केरोसिन डाल कर आग लगा दी थी, जिससे वह करीब 70 प्रतिशत जल गया था और 23 जनवरी को उसकी दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई.