भोपाल: मध्य प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के पुतलों का दहन किया. इसको लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच कई स्थानों पर धक्का-मुक्की व झूमा-झपटी की स्थिति भी बनी. राज्य में सत्ता बदलाव के बाद कानून व्यवस्था के बेपटरी होने को लेकर भाजपा ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राज्य सरकार के पुतलों का दहन किया. राजधानी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महामंत्री वी. डी. शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया. पुतला दहन केा लेकर कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हुई.

महामंत्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि राज्य में लगातार हत्या की वारदातें हो रही है. भाजपा के नेता की मंदसौर में प्रहलाद बंधवार, बड़वानी में मनोज ठाकरे की हत्या कर दी गई. इसके अलावा भी कई स्थानों पर आपराधिक वारदातें हुई हैं. पुलिस विरोध करने वालों को रोक रही हैं. जबलपुर में भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह की अगुवाई में राज्य सरकार का पुतला दहन किया. सिंह का कहना है कि बीते 15 साल से नक्सलवाद सिर नहीं उठा पाया था, मगर बालाघाट में एक बार फिर नक्सली सक्रिय होने लगे हैं.

प्रदेश अध्यक्ष सिह ने कहा, “पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालात अचानक गंभीर रूप लेने लगे हैं. भोपाल में पुलिस पार्टी पर भारी पथराव, इंदौर में कारोबारी संदीप अग्रवाल की हत्या, मंदसौर में नगरपालिका के अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की बीच बाजार नृशंस हत्या, बड़वानी में हमारे मंडल अध्यक्ष की निर्मम हत्या और रविवार को ही जबलपुर में शहीद अब्दुल हमीद मंडल के महामंत्री मगन सिद्दीकी पर चाकू से हमला हुआ. इन घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं यह बात भी साबित होती है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार का कानून-व्यवस्था से कोई लेनादेना नहीं है.’

इसी तरह उज्जैन में भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पांडेय के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन करने की कोशिश की. इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस जवानों के बीच धक्का-मुक्की हुई. पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा. इसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों में भी पुतला दहन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक हुई. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में कहा है कि राज्य में अपराध तेजी से बढ़े हैं, इसके चलते भाजपा शांत नहीं रहने वाली. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन किया गया. उधर, सत्तारूढ़ कांग्रेस का कहना है कि ये घटनाएं भाजपा नेताओं के बीच आपसी रंजिश के कारण हुई हैं और इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार जिम्मेदार है.