नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक काफी दिनों से देखने को मिल रहा है. इस बीच सोमवार यानी आज 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरु की गई. इस दौरान सभी की निगाहे विधानसभा अध्यक्ष पर टिकी रहीं. अध्यक्ष ने कोरोना वायरस का हवाला देते हुए विधानसभा की कार्यवाही को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया. Also Read - कोरोना मरीजों के उपचार के लिए सेना के 51 अस्पताल तैयार

इससे पहले कमलनाथ ने रविवार देर रात राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राजभवन से देर रात करीब 12 बज कर 20 मिनट पर बाहर आते हुए कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यपाल ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था. उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल ने मुझसे कहा कि विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित की जाए. इसलिए मैंने उनसे कहा कि मैं सोमवार सुबह इस बारे में स्पीकर से बात करूंगा.’’

राज्यपाल के निर्देशानुसार सदन में शक्ति परीक्षण सोमवार को कराये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में स्पीकर कोई फैसला लेंगे. उन्होंने बताया कि वह पहले ही राज्यपाल को लिखित में दे चुके हैं कि उनकी सरकार सदन में शक्ति परीक्षण के लिए तैयार है. लेकिन ‘बंधक’ बनाये गये विधायकों को पहले छोड़ा जाना चाहिए. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसके 22 विधायकों को भाजपा ने बंधक बना कर रखा है. इन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था. स्पीकर एन पी प्रजापति ने इनमें से छह विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.