भोपाल: साल 2012 में मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के जरिए अनुबंध पर ग्रेड-II शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के मामले में सीबीआई ने गुरुवार को राज्य सरकार के तत्कालीन मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा, उनके विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) और 85 अन्य के खिलाफ नया आरोप-पत्र दायर किया. Also Read - मध्य प्रदेश में कोरोना की मार: राज्य के 'कप्तान' शिवराज के पास नहीं कोई टीम, बिना स्वास्थ्य मंत्री के 'सरकार'

भोपाल की विशेष अदालत में दायर आरोप-पत्र में व्यापम के तत्कालीन नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, प्रधान सिस्टम एनालिस्ट नितिन मोहिंद्रा, 72 अभ्यर्थियों, व्यापम के दो अन्य कर्मियों, शर्मा और 11 बिचौलियों को नामजद किया गया है. मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में तत्कालीन तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री शर्मा के ओएसडी ओ पी शुक्ला को भी नामजद किया गया. Also Read - Covid 19 लॉकडाउन के बीच रात में 40 लोगों ने ग्रुप में मस्जिद में नमाज अदा की, FIR दर्ज

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, आरोप है कि मोहिंद्रा और त्रिवेदी ने अनुबंध पर ग्रेड-II शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हुई परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के अंकों को बढ़ाने में मदद की थी. सीबीआई ने पाया कि शर्मा ने त्रिवेदी को परीक्षा नियंत्रक नियुक्त कर दिया जबकि वह इस अहम पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की सूची में शामिल ही नहीं थे. त्रिवेदी ने मोहिंद्रा के जरिए अभ्यर्थियों के अंकों में हेरफेर करके यह एहसान चुकाया. उन्होंने अंकों में हेरफेर इस तरह की जिससे अभ्यर्थियों का चयन तय हो जाए. अभ्यर्थियों की ओर से भरी गई ओएमआर शीटों की फॉरेंसिक जांच में पता चला कि आरोपी अभ्यर्थियों के असल अंक नतीजों में दिख रहे उनके अंकों से काफी कम थे. Also Read - VIDEO: Coronavirus Lockdown के बीच DIG रात में साइकिल पर निकले

सीबीआई ने बदले गए अंक-पत्रों का ब्यौरा मोहिंद्रा के लैपटॉप से बरामद कर लिया है. सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने एक बयान में कहा, ‘जांच में खुलासा हुआ कि लोक सेवक और अन्य निजी लोगों ने अभ्यर्थियों के क्रमांक, फॉर्म संख्या आदि से परीक्षा का ब्यौरा कथित तौर पर इकट्ठा किया और उसे व्यापमं के प्रधान सिस्टम एनालिस्ट को मुहैया करा दिया.’प्रधान सिस्टम एनालिस्ट द्वारा प्राप्त किए गए परीक्षा के ब्यौरे को कंप्यूटर पर एक डिजिटल फाइल में कथित तौर पर डाला गया, जिसमें अभ्यर्थियों का पूरा ब्यौरा और उन्हें प्रायोजित करने वाले बिचौलियों की जानकारी थी.
अधिकारी ने कहा कि नतीजे घोषित होने से ठीक पहले प्रधान सिस्टम एनालिस्ट ने उन उम्मीदवारों के बाबत एक अन्य डेटाबेस तैयार किया जिनके अंक उसे बढ़ाने थे.