भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 55 लाख किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने वाली अपनी सरकार की 50,000 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी कर्ज माफी योजना ‘जय किसान ऋण मुक्ति योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इसके लिए बजट को लेकर हमारी आलोचना करेगी, लेकिन हम इसके लिए जरूरी बजट का प्रावधान करेंगे.

कमलनाथ ने यहां अपनी सरकार की ‘जय किसान ऋण मुक्ति योजना’ में आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है. करीब 70 प्रतिशत लोग कृषि एवं इससे जुड़े कामधंधों पर जुड़े हुए हैं. इसलिए मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में यह एक निवेश है. किसान भी एक निवेश है. जब तक इसे मजबूत नहीं करेंगे तब तक हमारी अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत नहीं हो सकती.

 55 लाख किसानों को लाभ मिलेगा
सीएम ने कहा, ”कर्ज माफी का हमारा यह निर्णय मील का पत्थर है. इससे 55 लाख किसानों को लाभ मिलेगा. उनका दो लाख रूपये तक का कर्जा माफ होगा. इससे उनका 50,000 करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया जाएगा. 22 फरवरी से किसानों के खाते में राशि पहुंचनी शुरू हो जाएगी. ”कमलनाथ ने कहा कि इस कर्ज माफी के लिए किसानों को मंगलवार से तीन विभिन्न रंगों के फार्म भरने होंगे, जो आज से शुरू हो गए हैं.

मुझे न समझाएं की बजट क्या होता है
कमलनाथ ने कहा कि, “बजट के प्रावधान को लेकर इस पर भाजपा आलोचना करेगी, लेकिन हम अपना वचन पूरा करेंगे. इसके लिए जरूरी बजट प्रावधान किए जाएंगे. मुझे न समझाएं की बजट क्या होता है.

मैं जनता को पांच साल का हिसाब दूंगा
कमलनाथ ने वहीं, भाजपा नेताओं के मध्य पदेश की कांग्रेस सरकार के कभी भी गिर जाने का बार-बार तंज कसे जाने पर कहा, कोई कहता है कि यह सरकार 15 दिन चलेगी, कोई कहता है कि लोकसभा चुनाव तक. मैदान छोड़कर कौन गया. जो मैदान में नहीं रह सकते, वो क्या लड़ेंगे. (मध्य प्रदेश में कांग्रेस, बसपा, सपा एवं निर्दलीय विधायकों को भाजपा का) कोई प्रलोभन नहीं चलने वाला. मैं पांच साल बाद मध्य प्रदेश के हर वर्ग को हिसाब दूंगा कि हमने क्या किया. मैं तो मोदी जी से भी कहता हूं, आप भी जनता को पांच साल का हिसाब दे दीजिए.

वह समझ जाएंगे कि मैं क्या कह रहा हूं
कमलनाथ ने आगे कहा, भाजपा अपना घर सुरक्षित रखे. हमारे घर की चिंता न करें. इससे वह समझ जाएंगे कि मैं क्या कह रहा हूं.” मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 114 विधायक हैं. कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेसनीत सरकार को बीएसपी के दो, सपा के एक एवं चार निर्दलीय विधायकों ने समर्थन दिया है. इसी को लेकर 109 विधायकों वाली भाजपा तंज कसती है कि कमलनाथ की सरकार कभी भी गिर सकती है.