देवास: मध्य प्रदेश के देवास जिले के उमरिया गांव में 35 फीट गहरे बोरवेल में गिर गए 4 साल के बच्चे को 35 घंटे के बाद बचा लिया गया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सेना के जवानों ने रोशन को रस्सी खींचकर सुरक्षित  बाहर निकाला. वह पूरी तरह स्वस्थ है. उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति बिल्कुल ठीक है. बोरवेल से निकालने के बाद रोशन को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. जब बच्चा बोरवेल से बाहर निकला तो उसके चेहरे पर मुस्कान थी.

शायद यह पहला मौका है, जब बोरवेल में फंसे बच्चे को रस्सी से फंसाकर बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाला गया हो. वह करीब 35 फुट की गहराई में फंसा हुआ था, जबकि यह बोरवेल 150 फुट गहरा था. मौके पर मौजूद देवास जिले के कलेक्टर आशीष सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि रोशन को रस्सी से फंसाकर बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाला गया. उसे सेना के जवानों ने खींचकर बाहर निकाला. उन्होंने बताया कि बच्चे को मौके पर तत्काल मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई. उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है. वहां देखेंगे कि उसे कोई चोट तो नहीं है.

सेना के जवानों ने लिया जोखिम
उन्होंने कहा कि हालांकि इसमें रिश्क था. उसे चोट आ सकती थी. लेकिन बोरवेल के समानांतर करीब 40 फुट गहरा गडढा खोदने के बाद जब बोरवेल में जाने के लिए सुरंग बनाई जा रही थी, तो वहां पर चट्टान आ गई, जिससे सुरंग बनाना असंभव हो गया था. इसमें काफी लंबा समय लग सकता था. सिंह ने बताया कि इसको देखते हुए सेना के जवानों ने रस्सी के सहारे बच्चे को निकालने की सलाह दी और वह सफल हो गई.

उन्होंने बताया कि देवास जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर खातेगांव थाना क्षेत्र के गांव उमरिया में चार साल का बच्चा रोशन पिता भीम सिंह शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास खेलते-खेलते खेत में खुदे खुले बोरवेल में गिर गया था.

SDERF और सेना की टीम मिलकर चला रही थी रेस्क्यू ऑपरेशन
4 साल का रोशन जब तक बोरवेल में फंसा रहा, तब तक पूरे देश में उसकी सलामती की दुआ मांगी जा रही थी. हर कोई भगवान से नन्ही जिंदगी के लिए प्रार्थना कर रहा था. बच्चे को बचाने के लिए SDERF और सेना की टीम, पिछले 40 घंटे से लगातार काम कर रही थी. बच्चे को किसी तरह का नुकसान ना पहुंचे, इसके लिए रस्सी के जरिए रोशन को लगातार दूध-जूस पहुंचाया जा रहा था.

बीते शनिवार सुबह को गिर गया था बच्चा
बता दें कि शनिवार की सुबह लगभग 11 बजे रोशन खेलने के दौरान बोरवेल में गिर गया था. जिस समय वह बोरवेल में गिरा उस समय उसके माता-पिता बगल के खेत में मजदूरी कर रहे थे. बच्चे के बोरवेल में गिरने की खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई. देखते-देखते मौके पर हजारों लोगों की भीड़ लग गई. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंची. प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद बच्चे को बचाने की मुहिम शुरू की गई.