भोपाल: एमपी के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रुपए और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रुपए प्रति माह करने की घोषणा की है. साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 साल की जाएगी. उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा. मध्य प्रदेश में अभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 5000 और सहायिका का 2500 रुपए मासिक है. इसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की पोषण अभियान पर आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए येे अहम घोषणा की है. Also Read - स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द: कमलनाथ बोले- EC ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया, मेरे वकील देखेंगे इस मामले को

सीएम ने कहा कि शिकायत आने पर किसी भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा. यदि आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है, तो उन्हें वरीयता दी जाएगी. उन्होंने कहा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं राज्य से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें. Also Read - Madhya Pradesh by-election: चुनाव आयोग ने कमलनाथ से छीना स्टार प्रचारक का दर्जा, उनकी रैलियों के लिए प्रत्याशी को अपनी जेब से देना होगा खर्चा

रिटारमेंट के बाद मिलेंगे एक लाख रुपए
मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की. रिटायरमेंट के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख रुपए और सहायिकाओं को 75000 रुपए दिए जाएंगे. अगर उनकी आकस्मिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी. साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता या सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जाएगी. Also Read - Diamond Park: अब पन्ना के 'हीरा' की कहानी जानेगी पूरी दुनिया...

हर परियोजना क्षेत्र में तीन-तीन पुरस्कार
सीएम चौहान कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिए जाएंगे. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5100 रुपए और तृतीय पुरस्कार 2100 रुपए दिए जाएंगे. इसी तरह सहायिकाओं के लिए प्रथम पुरस्कार 5100 रुपए का द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रुपए का दिया जाएगा.

श्रमिक महिलाओं को भी सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिए गर्भावस्था के दौरान चार हजार रुपए और प्रसव के बाद 12 हजार रुपए दिए जाएंगे. इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में रकम पहुंचाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाएगी.

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका
महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियां पूरी करती हैं. उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया. इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की. निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण की आयुक्त जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद थीं. (इनपुट एजेंसी)