भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की आजादी को स्वीकारते हुए सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले रतलाम के शिक्षक बालेश्वर पाटीदार को बहाल करने के आदेश दिए हैं. पाटीदार को राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्प्णी करने पर निलंबित किया गया था. रतलाम के आलोट विकासखंड के ग्राम तालोद के शासकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बालेश्वर पाटीदार को राहुल गांधी के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते निलंबित कर दिया गया था. यह जानकारी जैसे ही मुख्यमंत्री कमलनाथ को मिली तो उन्होंने शिक्षक को बहाल करने का निर्देश दिया.

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कमलनाथ की ओर से मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है, “अभी-अभी शिक्षक पाटीदार के निलंबन की जानकारी मिली है, उन पर निश्चित तौर पर नियम के अंतर्गत कार्रवाई हुई होगी, क्योंकि शासकीय सेवा में रहते यह आचरण सिविल सेवा नियमों के विपरीत है. इससे पहले मेरे खिलाफ भी जबलपुर के एक शिक्षक ने ‘डाकू’ शब्द का इस्तेमाल किया था. उन पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी.”

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जबलपुर के शिक्षक के बयान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “तब मैंने यह सोचा कि जिस शिक्षक का निलंबन हुआ है, उन्होंने इस पद तक आने के लिए वर्षो मेहनत, तपस्या की होगी. पूरा परिवार उन पर आश्रित हो सकता है. मुख्यमंत्री पर सिर्फ एक टिप्पणी के कारण निलंबन हो जाए और उसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़े, यह मुझ पर नागवार गुजरा और मैंने उन्हें माफ करने और तत्काल बहाल करने का निर्णय लिया.”

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कमलनाथ ने आगे कहा, “शिक्षक समाज को आइना दिखाते हैं. एक नई पीढ़ी का निर्माण करते हैं. समाज उनको बड़े आदर की दृष्टि से देखता है. एक शिक्षक पर कार्रवाई मुझे व्यक्तिगत रूप से ठीक नहीं लगी. इसलिए मैंने उन्हें माफ करने का निर्णय लिया था.”

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कमलनाथ ने अभिव्यक्ति की आजादी की पैरवी करते हुए कहा, “लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मैं शुरू से पक्षधर हूं, लेकिन यह भी सच है कि इसका पालन एक मर्यादा में होना चाहिए. आलोट के उस शिक्षक पर हुई कार्रवाई पर सभी बातों को मैंने दोबारा सोचा. विचार आया कि एक शिक्षक को हम माफी दे सकते हैं तो राहुल गांधी पर टिप्पणी पर एक शिक्षक को सजा मिले, यह मुझे ठीक नहीं लग रहा, क्योंकि यह कार्रवाई राहुल गांधी की सोच के विपरीत है.”

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कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष की कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि राहुल गांधी अशोभनीय टिप्पणी, बयानबाजी व आलोचना करने वाले तमाम विरोधियों तक को माफ करते आए हैं. वह कहते आए हैं कि आप जितनी मेरी निंदा करो, जितने मुझे अपशब्द कहो, मैं उतना मजबूत होता हूं. इससे मेरा आत्मविश्वास दृढ़ होता है. ऐसी उनकी सोच है. इसलिए राहुल गांधी पर टिप्पणी पर एक शिक्षक पर मेरी सरकार में निलंबन की कार्रवाई हो, यह उनकी सोच के विपरीत तो है ही, लेकिन मेरी सोच के अनुसार भी ठीक नहीं है. राहुल गांधी को भी जब इस बात की जानकारी मिलेगी तो उन्हें भी ठीक नहीं लगेगा.”

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कमलनाथ ने कहा कि आंतरिक तौर पर विचार मंथन के बाद उन्होंने फैसला लिया कि शिक्षक को भी माफ किया जाए. प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि उस शिक्षक की बहाली के आदेश तत्काल जारी किए जाएं.

मुख्यमंत्री ने शिक्षक को सलाह दी है कि वह एक बार गांधी परिवार के इस देश के प्रति त्याग, योगदान का समुचित अध्ययन जरूर करे, जिससे उनके मन में इस परिवार के प्रति यदि कोई गलत सोच है तो उसे सुधार सके.