खरगोन: आरएसएस की शाखाओं में सरकारी कर्मचारियों के जाने पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कांग्रेस के वचन पत्र (चुनाव घोषणा पत्र) में किए गए वादे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संघ के हर आयोजन में सभी को जाने की आगे भी छूट रहेगी. आरएसएस की शाखाएं राज्‍य के सरकारी दफ्तरों में लगती रहेंगी और कर्मचारी उसमें हिस्‍सा भी लेंगे. उन्‍होंने कहा कि कोई भी आरएसएस पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता.

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जिले के बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के बेड़िया में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में चुनावी सभा करने आये चौहान ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में संघ को देशभक्तों का संगठन बताया और कहा कि सरकारी कर्मचारी ही नहीं, हर देशभक्त संघ की शाखा में जा सकता है. चौहान ने कहा कि उन्‍होंने ही संघ की शाखा में जाने का प्रतिबंध हटाया था. कांग्रेस अहंकार में जी रही है, संघ के हर आयोजन में सभी को जाने की आगे भी छूट रहेगी. इस बीच, जिले में चुनाव प्रचार करने आये कांग्रेस की प्रदेश चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुद्दे पर कहा कि धर्म को राजनीति में नहीं लाना चाहिये. हमारा मकसद है राजनीति को धर्म से दूर रखना चाहिये. कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी राजनीतिक संगठन से नहीं जुड़े, इसलिए कांग्रेस ने इस मुद्दे को वचन पत्र (घोषणा पत्र) में शामिल किया है.

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आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही: कमलनाथ
उधर, इस मुद्दे पर सफाई देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दो दिन पहले जारी अपने वचन पत्र (घोषणा पत्र) में पार्टी ने, या उन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही और न ही इस तरह की उनकी कोई मंशा है. कमलनाथ ने कहा कि भाजपा जानबूझकर इस तरह के मुद्दों को हवा देकर जनता को भ्रमित करना चाहती है, ताकि हमारे वचन पत्र (घोषणा पत्र) के जनहितैषी मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके. उन्होंने कहा कि यह जनता तय करेगी कि आरएसएस सामाजिक संगठन है या राजनीतिक. हम इसमें नहीं पड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इस बारे में सुझाव आये थे कि आदिवासी छात्रावासों एवं अन्य सरकारी स्कूलों में, जहां आरएसएस की शाखाएं लग रही हैं वहां बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है. इसके बाद हमने अपने वचन पत्र (घोषणा पत्र) में इस बिंदु को शामिल किया. (इनपुट एजेंसी)