भोपाल: कांग्रेस के घोषणा पत्र में संघ की शाखाओं में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने के वादे को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की गई है. इस मामले में कांग्रेस के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंधन की शिकायत करते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है. Also Read - 'मनुस्मृति' विवाद: वीसीके सांसद के विवादित बोल पर मचा बवाल, एक्‍ट्रेस व बीजेपी नेत्री खुशबू हिरासत में

शिकायतकर्ता मेहूल भारद्वाज ने अपनी शिकायत में कहा कि हाल ही में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में बिंदु क्रमांक 47.62 में उल्लेख किए गए विषय से किसी व्यक्ति के कहीं भी जाने की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन होता है और यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को प्रभावित करने का भी प्रयास है. Also Read - हम नहीं करते गरीब के नाम पर राजनीति, गरीबों की ख़ुशी मुझे संतुष्टि देती है: पीएम मोदी

याचिकाकर्ता के वकील श्रेयराज सक्सेना ने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में इस बयान को शामिल करने से शासकीय कर्मचारियों को किसी भी सामाजिक गतिविधि में शामिल होने से रोकना है, जो कि नागरिक के मौलिक अधिकार का हनन है. कोई भी राजनीतिक दल किसी की अभिव्यक्ति की आजादी नहीं छीन सकता है. कोई भी शासकीय कर्मचारी अपनी इच्छा से किसी भी सामाजिक गतिविधि में शामिल हो सकता है. Also Read - UP Rajya Sabha: भाजपा के 8 प्रत्याशियों ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, योगी आदित्यनाथ भी थे मौजूद

बता दें कि कांग्रेस ने शनिवार को जारी अपने चुनावी घोषणा पत्र में “सामान्य प्रशासन और प्रशासनिक सुधार” के अध्याय में कहा है कि 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के जरिए सूबे की सत्ता में आने पर शासकीय परिसरों में संघ की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इसके साथ ही, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को इन शाखाओं में हिस्सा लेने की छूट के आदेश को भी रद्द किया जाएगा.