इंदौर: मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी समाज के सभी तबकों के साथ न्याय के पक्ष में है. लेकिन वह अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम और आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को किसी भी हालत में कमजोर करना नहीं चाहती. कमलनाथ ने इस अधिनियम में संशोधनों को लेकर गरमा रहे मुद्दे से जुड़े सवाल पर मीडिया से बातचीत में कहा, “इस विषय में हम भी सोच रहे हैं. पर हम एससी-एसटी एक्ट और आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था को किसी भी हालत में कमजोर नहीं करना चाहते.” Also Read - Congress President Election: कांग्रेस ने कहा- जून में उसका नया निर्वाचित अध्यक्ष होगा

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मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब सूबे के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में संशोधनों पर अनारक्षित समुदाय का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है.

कांग्रेस के सीनियर नेता ने कहा, “जरूरत पड़ने पर इस कानून (एससी-एसटी एक्ट) का उपयोग अवश्य होना चाहिए. लेकिन अगर इस कानून का दुरुपयोग होता है, तो हम चाहते हैं कि सभी वर्गों के साथ न्याय हो.”

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कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और सरकारी नौकरियों में किसी भी तबके को संविधान से मिला आरक्षण घटाना नहीं चाहती. लेकिन उनकी पार्टी चाहती है कि समाज के किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो.

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मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब सूबे के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में संशोधनों पर अनारक्षित समुदाय का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है.

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यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार उतारने की घोषणा करने वाले जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) और सपाक्स जैसे संगठनों से कोई गठबंधन करेगी, कमलनाथ ने जवाब दिया, “हम तो सबसे बात करना चाहते हैं. लेकिन अगर ये संगठन चाहते हैं कि वोटों के विभाजन से फायदा उठाकर भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव जीत जाए, तो उनकी मर्जी.”