मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में फिर एक बार कांग्रेस (Congress) में आपसी तनाव का माहौल बनता दिखाई दे रहा है. हिंदू महासभा (Hindu Mahasabha) के बाबूलाल चौरसिया (Babulal Chaurasia) को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मिलने से पार्टी के नेताओं में नाराजगी दिखने लगी. इसके विरोध में पार्टी के नेताओं ने आवाज उठाई तो वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल (Manak Agarwal) ने सीधा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) पर हमला बोल दिया. जिसके बाद मानक को छह साल  के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता देखना पड़ा.Also Read - राष्ट्रपति चुनाव: उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा- देश का माहौल अशांत, ऐसे में 'खामोश' राष्ट्रपति नहीं चाहिए

हिंदू महासभा के नेता बाबूलाल चौरसिया को पार्टी की सदस्यता मिलने के विरोध में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव (Arun Yadav), पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natrajan), विधायक लक्ष्मण सिंह (Lakshman Singh), पूर्व मंत्री सुभाष कुमार सोजतिया (Subhas Kumar Sojatiya) सहित अनेक नेताओं ने सवाल उठाए. दूसरी तरफ मानक अग्रवाल ने कमलनाथ पर सीधा हमला कर दिया. Also Read - महाराष्ट्र की सियासत बदली, कंगना रनौत ने कहा- घमंड चकनाचूर हुआ, जीवन का कमल खिला

इस मामले को तुरंत अनुशासन समिति (Disciplinary Committee)  ने अपने अंदर लेकर अग्रवाल को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के बेहद करीबी जाने जाते हैं ऐसे में मानक को पार्टी से निकालने का यह कदम महंगा साबित हो सकता है. भविष्य में  दिग्विजय समर्थकों और कमलनाथ समर्थकों के आमने-सामने होने की गुंजाइश नजर आ रही है. Also Read - कन्हैयालाल के परिवार से मिले CM अशोक गहलोत, 50 लाख रुपए का चेक सौंपा, कहा- हत्या से सभी दुखी, न्याय मिलेगा

राज्य के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा (Dr. Narottam Mishra) ने इस मामले में तंज कसते हुए कहा- “गोडसे मामले में कांग्रेस नेता माणक अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें ‘अमानक’ बना दिया गया. लेकिन इसी मुददे पर मुखर विरोध करने वाले ‘समरथ’ अरुण यादव के खिलाफ कुछ कहने की भी हिम्मत नहीं हुई. लगता है कांग्रेस में अब गोडसे की घुट्टी सख्ती से पिलाई जा रही है.”

वहीं पार्टी के कई सदस्यों ने अनुशासन समिति के इस कदम पर पक्षपात का स्वभाव दिखाने की बात कह दी. हालांकि उन्होंने सीधे-सीधे मानक के रवैये का समर्थन नहीं किया.