नई दिल्ली: जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. शिवराज ने कहा, कांग्रेस मेरे खून की प्यासी हो गई है. मध्य प्रदेश की राजनीति में ये कभी नहीं हुआ. विचारों का संघर्ष चलता रहता है. अलग-अलग पार्टियां अपने-अपने कार्यक्रम करती थीं लेकिन कभी भी इस तरह की पत्थरबाजी नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के मध्य प्रदेश के अध्यक्ष कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि वे कांग्रेस को किस दिशा में ले जा रहे हैं. उनके नेता और कार्यकर्ता जो कर रहें क्या वह सही है.Also Read - सिद्धू के बाद पंजाब के CM ने कहा- पाकिस्तान से व्यापार शुरू हो, मैं केंद्र को पत्र लिखूंगा

इससे पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वह सभी कांग्रेस के नेता हैं. यह घटना शर्मनाक है. इससे यह साबित होता है कि सत्ता में आने के लिए कांग्रेस हर तरह के कानून तोड़ सकती है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जनआशीर्वाद यात्रा के रथ पर रविवार रात प्रदेश के सीधी जिले के चुरहट में कथित तौर पर पथराव किया गया था. Also Read - क्या पश्चिम बंगाल से अलग हो जाएगा दार्जिलिंग? BJP की इस बात पर TMC बोली- इस बात का...

वहीं रविवार रात सीधी जिले के चुरहट में जहां सीएम के रथ पर पत्थरबाजी हुईं वहीं चप्पल भी फेंका गया. चप्पल फेंकने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें दो आरक्षण विरोधी संगठन और एक व्यक्ति करणी सेना का बताया जाता है. सभी के खिलाफ आइपीसी की धारा 353,186,294, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है. Also Read - MP Panchayat Chunav: बीजेपी और कांग्रेस में इन मुद्दों पर हो रही तकरार, 'आरक्षण' ने बढ़ाई सरगर्मी

मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा जब रात में चुरहट पहुंची तो अचानक कुछ लोगों ने नारेबाज़ी शुरू कर दी, गुस्साए लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाने की कोशिश की और कुछ आक्रोशित लोगों ने बस पर पत्थरबाजी कर दी, एक पत्थर बस के शीशे पर लगा तो शीशा टूट गया. इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पथराव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. इसके दोषी सामने आने चाहिए और उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए.