भोपाल: बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन करके बसपा को खत्म करना चाहती थी. मायावती ने मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार के लिए भोपाल के भेल दशहरा मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ”मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है, इसलिए उसने बसपा से गठबंधन का प्रस्ताव रखा था.” मायावती ने कहा, ”गठबंधन की आड़ में कांग्रेस सोची समझी रणनीति व षड़यंत्र के तहत हमें बहुत ही कम सीटें देकर बसपा को खत्म करना चाहती थी.” Also Read - गुजरात में कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्‍तीफा, राज्‍यसभा चुनाव से पहले 8 MLA ने छोड़ा साथ

कांग्रेस खिसियाई बिल्ली
मायावती ने कहा कि इसके बाद पार्टी ने प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया. उन्होंने दावा किया कि बसपा की उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में पकड़ मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस घबराई हुई थी. वह खिसियाई बिल्ली की तरह खंभे नोच रही है और गठबंधन न होने के लिए बसपा पर आरोप लगा रही है. Also Read - राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस के विधायकों का इस्तीफा, 3 माह में 7 MLA छोड़ चुके हैं पार्टी

नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज
मायावती ने हालांकि, यह नहीं कहा कि गठबंधन करने के लिए कांग्रेस उन्हें कुल कितनी सीट दे रही थी. उन्होंने बीजेपी नीत नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने बिना तैयारी के नोटबंदी एवं माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया, जिससे देश की जनता एवं व्यापारी दुखी हैं. मायावती ने कहा कि नोटबंदी एवं जीएसटी से अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है. Also Read - बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा- गर्भवती हथिनी के कातिलों को दी जाए फांसी, ये बेहद अमानवीय

भाजपा और कांग्रेस की सरकारें पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों की
मायावती ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां (भाजपा और कांग्रेस) पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों के हित में नीतियां तैयार करती हैं, क्योंकि इनकी सरकारें पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों की मदद से चलती हैं. उन्होंने कहा इसके विपरीत बसपा आपके (जनता) धन से चुनाव लड़कर सत्ता में आना चाहती है, ताकि किसी के दबाव में न रहकर जनता को खुशहाल बना सके.

योजनाओं का लाभ गरीब आदमी को नहीं मिल रहा
मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार ने अब तक जितनी भी योजनाएं बनाई हैं, उनसे न तो देश की गरीबी दूर हुई और न ही बेरोजगारी. इन योजनाओं का लाभ गरीब आदमी को नहीं मिल रहा है.

आरक्षण खत्म करने में लगींं जातिवादी पाटियां
मायावती ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के प्रयासों में जो आरक्षण की सुविधा मिली हैं उसे हीन जातिवादी मानिसकता रखने वाली पार्टियां धीरे-धीरे खत्म करने में लगी हैं.