इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण के एक स्थानीय मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढ़ने गए स्वास्थ्यकर्मियों के दल पर पथराव की बहुचर्चित घटना के सात आरोपियों को पुलिस ने गुुुुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है . फिलहाल मामले के करीब 15 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही हैपथराव की घटना में दो महिला चिकित्सकों के पैरों में चोटें आईं थीं. Also Read - इस दिन खुलेगा प्रसिद्ध बालाजी मंदिर, हर दिन 6,000 भक्त कर पाएंगे दर्शन

पुलिस को सुराग मिले हैं कि शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके की यह घटना सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बाद असामाजिक तत्वों के उकसावे के चलते सामने आई थी. पथराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. Also Read - VIDEO: पुरी जगन्नाथ मंदिर में बिना श्रद्धालुओं के स्नान पूर्णिमा, पुजारियों ने नहीं पहने मास्‍क

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्रा ने कहा, “वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान के बाद घटना के लिए जिम्मेदार सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.” Also Read - Darwin Cricket League T20: ऑस्ट्रेलिया में T20 टूर्नामेंट का सजा मंच, पहले दिन खेले जाएंगे 6 मैच

डीआईजी ने बताया कि शहर में कोरोना वायरस का जो भी मरीज मिल रहा है, उसके परिजनों और उसके संपर्क में आए व्यक्तियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन अभियान चलाकर ढूंढा जा रहा है और उन्हें सावधानी के तौर पर अलग किया जा रहा है, ताकि इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.

डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया, “हमें पता चला है कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव की घटना से एक-दो दिन पहले सोशल मीडिया पर इस अभियान के खिलाफ कुछ अफवाहें फैलायी गई थी. हालांकि, पथराव सुनियोजित प्रतीत नहीं हो रहा है. टाटपट्टी बाखल इलाके के कुछ असामाजिक तत्वों के उकसावे पर क्षेत्रीय रहवासियों ने अचानक पथराव किया.”

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टाटपट्टी बाखल के पथराव में चोटिल हुईं दोनों महिला डॉक्टर कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान चला रहे स्वास्थ्य विभाग के पांच सदस्यीय दल में शामिल थीं. यह दल कोरोना वायरस संक्रमण के एक मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढने गया था.

डीआईजी मिश्रा ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे.

इस बीच, छत्रीपुरा पुलिस थाने के प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की उम्र 21 से 50 वर्ष के बीच है और इनमें से तीन लोगों को आपराधिक रिकॉर्ड है.

प्रभारी करणी सिंह शक्तावत ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 147 (बलवा), धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना), धारा 269 (ऐसा लापरवाही भरा काम करना जिससे किसी जानलेवा बीमारी का संक्रमण फैलने का खतरा हो), धारा 353 (लोक सेवकों को भयभीत कर उन्हें उनके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए उन पर हमला) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल मामले के करीब 15 आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है.