Coronavirus in Indore Full Update: पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान (Wuhan) शहर से कोरोना वायरस (Covid-19) का संक्रमण फैलना शुरू हुआ था. ऐसा माना जा जा रहा है कि यह वायरस वुहान के स्थानीय हुनान सी फूड मार्केट से फैला था. लेकिन अब ये चीन में तबाही मचाने के बाद अब यह संक्रमण दुनियाभर में फैल चुका है. वैसे तो इस वायरस का सबसे बुरा असर यूरोपीय देशों में पड़ा है और सबसे ज्यदा मौतें भी इन्हीं देशें में हुई हैं लेकिन अब धीरे-धीरे इसका असर एशियाई देशों खासकर भारत में भी तेजी से बढ़ता जा रहा है. भारत में महाराष्ट्र भले ही सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमितों वाला प्रदेश हो लेकिन मध्य प्रदेश का इंदौर वायरस का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. Also Read - MP Bypolls 2020: कमलनाथ का सीएम पर कटाक्ष, बोले- "अभिनय" में तो शाहरुख और सलमान को भी मात दे सकते हैं शिवराज सिंह चौहान

यहां तक कि इंदौर को अब ‘भारत का वुहान’ तक कहा जा रहा है. हालांकि इसके पीछे कई कारण हैं. दरअसल भारत में लॉकडाउन जारी है. लॉकडाउन को लेकर सख्त नियमों के बावजूद एक महीने से भी कम समय में बड़ी तादाद में कोविड-19 के मरीज मिलने के इंदौर सबसे ज्यादा मुश्किलों में है. यहां सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि इन मरीजों में काफी ज्यादा ऊंची मृत्यु दर पाई गई है. Also Read - कोरोना वायरस की जांच का आंकड़ा पहुंचा 10 करोड़ के पार, 45 दिनों में 5 करोड़ लोगों की हुई टेस्टिंग

चौंकाने वाले हैं आंकड़े
आज यानी शुक्रवार सुबह तक की स्थिति में इंदौर जिले में कोविड-19 के 842 मरीज मिलने और इस महामारी से 47 लोगों की मौत की जानकारी दी गयी है. आंकड़ों से पता चलता है कि शुक्रवार सुबह तक जिले में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर 5.58 प्रतिशत थी जो राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है. केंद्र सरकार ने जो आंकड़े सुबह जारी किए थे अगर उनसे इंदौर के आंकड़ों की तुलना की जाए तो जहां देश भर में अब तक कोविड-19 से 437 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं इनमें से 10.75 प्रतिशत मौतें अकेले इंदौर जिले में दर्ज की गई हैं. Also Read - Coronavirus: मिनटों में कोरोना का पता लगाने वाली Feluda पेपर स्ट्रिप जांच को लेकर ICMR ने जारी की एडवायजरी

सियासी उठापटक का नतीजा भुगत रहा इंदौर?
इंदौर में कोरोनावायरस से संक्रमित पहले केस मार्च के शुरुआत में पाए गए थे. 24 मार्च को केन्द्र सरकार द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा किए जाने से पहले मध्यप्रदेश में जमकर सियासी हलचल हुई थी. इस दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार अपनी कुर्सी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी और इसका नतीजा ये निकला कि तबकी कमलनाथ सरकार ने कोरोनावायरस को गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन उसके बाद जब शिवराज सिंह के नेतृत्व में दोबारा से भाजपा की सरकार आई तो राज्य में कोई मंत्रीमंडल का विस्तार तक नहीं हो पाया और बिना स्वास्थ्य मंत्री से सरकार चलती रही. यही मुख्य वजहें रहीं कि इंदौर और भोपाल आज कोरोना के कहर से जूझ रहे हैं.

केवल दो दिन तक ही जिंदा रह सका कोरोना का मरीज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंदौर में इस महामारी के पांच मरीजों की मौत बृहस्पतिवार को हुई. इनमें 63 वर्ष और 52 वर्ष की उम्र वाले दो सगे भाई शामिल हैं जो सर्राफा कारोबार से जुड़े थे. इन्हें मंगलवार को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था. लेकिन केवल दो दिन के इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया. परिवार वालों ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति को इससे पहले कोई बीमारी नहीं थी जबकि एक दो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी. हालांकि दोनों परिजन की मौत के बाद उनके संयुक्त परिवार के 16 सदस्यों ने खुद को पृथक कर लिया है. इन लोगों की सेहत पर स्वास्थ्य विभाग नजर रख रहा है.

भारत का सबसे स्वच्छ शहर बना कोरोना का हॉटस्पॉट
इंदौर एक बार से नहीं बल्कि लगातार तीन बार से राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल आ रहा है. लेकिन इसके बावजूद शहर में कोविड-19 मरीजों की ऊंची मृत्यु दर कई सवाल उठाते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) आकाश त्रिपाठी ने बताया कि शहर में कोविड-19 से जिन पहले 30 मरीजों की मौत हुई, उनमें से 22 लोग ऐसे थे जो इस महामारी के अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से जूझ रहे थे. इनमें से ज्यादातर मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए थे.

डॉक्टरों को सख्त आदेश
कोरोना संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 11 अप्रैल को अन्य जिलों के 102 डॉक्टरों को तुरंत इंदौर पहुंचने का आदेश दिया था. लेकिन हैरानी वाली बात ये है कि इनमें से ज्यादातर डॉक्टरों अब तक शहर में नहीं पहुंचे हैं. इसका नतीजा ये निकला कि नतीजतन प्रदेश सरकार को चेतावनी देनी पड़ी है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ एस्मा अधिनियम के अंतर्गत कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाये जायेंगे.

वुहान ने सुधारे आंकड़े
बता दें कि कोविड-19 मामलों के आंकड़े छिपाने को लेकर हो रही अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच चीन ने मृतकों की संख्या में शुक्रवार को संशोधन किया. चीन ने कोरोना वायरस के उत्पत्ति केंद्र वुहान शहर में मृतकों की संख्या में 1,290 का इजाफा किया, जिससे चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 4,632 हो गई.

(इनपुट ऐजेंसी)