Coronavirus cases in Bhopal:  मध्य प्रदेश की राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने रविवार की आधी रात से ‘टोटल लॉकडाउन’ किए जाने का फैसला लिया है. यहां अब सिर्फ दूध और दवा की दुकानें ही खुलेंगी, रोजाना जरूरत का बाकी सामान घरों तक पहुंचाया जाएगा. आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भोपाल तरुण पिथोड़े के निर्देश पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सतीश कुमार एस ने धारा 144 के अंतर्गत संशोधित आदेश जारी कर 5 अप्रैल रात 12 बजे से भोपाल को पूरी तरह लॉकडाउन करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. Also Read - अगस्त-सितंबर में टीम इंडिया का कैंप लगाने के बारे में सोच रही है बीसीसीआई

राजधानी में दो आईएएस अफसरों और एक स्वास्थ्य अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के साथ मरीजों की संख्या अचानक बढ़ जाने के चलते जिला प्रशासन को ‘टोटल लॉकडाउन’ का फैसला लेना पड़ा है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब भोपाल पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा. करोद मंडी भी अगले आदेश तक बंद रहेगी. व्यापारी किसानों से सब्जी वगैरह खरीदकर नगर निगम के माध्यम से बेचेंगे. किराना दुकान और अन्य दुकानों को दी गई छूट खत्म कर दी गई है. Also Read - अमेरिका के बायोटेक कंपनी का दावा, कोरोना के मरीजों पर असरदार हो रहा है यह दवा

आदेश में कहा गया है कि अधिकृत होम डिलिवरी के अलावा बाकी सभी दुकानें बंद रहेंगी. इस दौरान होम डिलिवरी, दूध पार्लर और दवा की दुकानें खुली रहेंगी. शासकीय कार्य के लिए अति आवश्यक सेवा में लगे हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी. इस लॉॅकडाउन में मीडिया और उनके प्रतिनिधियों को भी कहीं आने-जाने की छूट लागू रहेगी. Also Read - WHO ने भी माना- कोरोना वायरस की जानकारी देने में चीन ने की देरी, दस्तावेजों में हुआ खुलासा

लॉकडाउन में निजी वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. किसी भी क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी. कंटेंटमेंट क्षेत्र से बाहर जाना और जोन के बाहर पाए जाने पर आदेश का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा. सड़क पर कोई भी व्यक्ति घूमते पाए जाने पर गिरफ्तार कर कानूनी कर्रवाई की जाएगी. आपातकालीन सेवाओं के अलावा अन्य सभी कारणों के लिए दिए गए पास भी निलंबित कर दिए गए हैं.