इंदौर (मध्य प्रदेश): जिला प्रशासन ने पिछले छह महीने से बंद धर्मस्थलों को दोबारा खोलने के लिये सोमवार शाम इस शर्त के साथ मंजूरी दी कि श्रद्धालुओं को महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. यह मंजूरी हालांकि ऐसे वक्त दी गयी है, जब जिले में कोविड-19 का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. Also Read - Coronavirus in UP Update: 24 घंटे में कोविड के 2052 नये मामले, 28 लोगों की हुई मौत, जानें अपने जिले का हाल

जिलाधिकारी मनीष सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि धर्मस्थलों में हर श्रद्धालु को मास्क पहनना और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना अनिवार्य रहेगा. इसके साथ ही, मंदिरों के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश की मनाही रहेगी. Also Read - सिर्फ बिहार ही नहीं, देश में सभी को कोविड-19 का टीका निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा: केंद्रीय मंत्री सारंगी

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने शहर की प्रसिद्ध सर्राफा चाट-चौपाटी को दोबारा खोलने को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, महामारी के प्रकोप के मद्देनजर इस रात्रिकालीन चाट-चौपाटी की दुकानों में ग्राहकों को खाने-पीने की चीजें पहले की तरह परोसे जाने की अनुमति फिलहाल नही दी गयी है. Also Read - Coronavirus: मिनटों में कोरोना का पता लगाने वाली Feluda पेपर स्ट्रिप जांच को लेकर ICMR ने जारी की एडवायजरी

जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि ग्राहक सर्राफा चाट-चौपाटी से खाने-पीने की चीजें पैक कराते हुए अपने साथ ले जा सकेंगे. इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में अब तक महामारी के 23,075 मरीज मिले हैं. इनमें से 551 मरीजों की मौत हो चुकी है. जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी.