दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में 10 वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसके साथ कुकर्म और हत्या के आरोपी नंद किशोर गुप्ता को दोनों मामलों में अलग-अलग फांसी की सजा सुनाई गई. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) हितेंद्र द्विवेदी ने दोषी को यह सजा सुनाई. इससे पहले भी मध्य प्रदेश की अदालतें ऐसे आरोपियों को सख्त सजा दे चुकी हैं. Also Read - Lockdown 5.0: मध्य प्रदेश में 15 जून तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, 13 जून के बाद खोले जाएंगे स्कूल

Also Read - मध्य प्रदेश में फंसे पश्चिम बंगाल के प्रवासियों के लिए अच्छी खबर, 2 और 6 जून को चलेंगी विशेष ट्रेनें

एमपी : सागर में मासूम के रेप और मर्डर केस में फैसला, दुष्कर्मी को मौत की सजा Also Read - मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल का जल्द होगा विस्तार, 24 MLA बन सकते हैं मंत्री, सिंधिया खेमे के ये लोग लेंगे शपथ!

लोक अभियोजन अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार गर्ग के अनुसार, दो मार्च, 2018 को इंदरगढ़ से 10 वर्षीय बालक को नंदकिशोर अपने साथी के साथ बहला-फुसलाकर ले गया. उसने बालक को कमरे में बंद कर एक लाख की फिरौती पिता से मांगी. फिरौती न मिलने पर आरोपी ने बालक से कुकर्म किया और उसके बाद हत्याकर शव देलुआ नहर में फेंक दी.

मंदसौर रेप केस: BJP नेता ने कहा, जो आरोपियों के सिर काटेगा 5 लाख रुपये इनाम दूंगा

गर्ग के अनुसार, इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश हितेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को आरोपी को दोनों मामलों कुकर्म व हत्या के लिए अलग-अलग फांसी की सजा सुनाई. उस पर 85 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. आरोपी तक पहुंचने में पुलिस की सीसीटीवी फुटेज और वॉइस रिकार्डिंग ने बड़ी मदद की थी. उसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और उसी के जरिए आरोपी को फांसी की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई.