इंदौर: एमपी के हाई प्रोफाइल आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज की मौत के छह महीने पुराने मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया, जब उनके भक्तों ने उनकी हत्या का संदेह जताते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की. भय्यू महाराज के भक्तों में शामिल श्याम देशमुख ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमें लगता है कि हमारे गुरु की हत्या की गई थी. लिहाजा हम चाहते हैं कि मामले में सीबीआई से जांच कराई जाए, ताकि उनकी मौत के पीछे का सच सामने आ सके.” इस बीच, पुलिस अपनी अब तक की जांच के इस निष्कर्ष पर कायम है कि भय्यू महाराज ने निजी कारणों से आत्महत्या की थी.

महाराष्ट्र के अकोला जिले में भय्यू महाराज की एक परमार्थिक संस्था चलाने वाले शख्स ने कहा, “हमारे गुरु की मौत के मामले की जांच कर रही मध्यप्रदेश पुलिस पर अब हमें भरोसा नहीं है. पुलिस इस प्रकरण में अपनी अंतिम रिपोर्ट (मामले की जांच बंद करने का प्रतिवेदन) अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है.”

देश के अलग-अलग राज्यों से आये भय्यू महाराज के भक्तों ने यहां पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसमें आध्यात्मिक गुरु की मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की गुहार की गई है.

इंदौर के पुलिस के डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने बताया, “हमें जांच में अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे लगे कि भय्यू महाराज की हत्या की गई थी.” उन्होंने कहा, “भय्यू महाराज की आत्महत्या के मामले में हमारी जांच हालांकि, लगभग पूरी हो चुकी है और सभी संबंधित लोगों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं. वैसे भय्यू महाराज के भक्त चाहें, तो वे भी मामले में अपने बयान दर्ज करा सकते हैं.”

भय्यू महाराज (50) ने इंदौर में अपने बाइपास रोड स्थित बंगले में 12 जून को उनके लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस को मौके से मिले कथित सुसाइड नोट में आध्यात्मिक गुरु ने लिखा था कि वह “भारी तनाव से तंग आने के कारण” जान दे रहे हैं.