नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री कमलनाथ को जवाब दिया है. कमलनाथ ने कहा था कि दिग्विजय सिंह यदि लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं तो कांग्रेस के लिए प्रदेश में कुछ कठिन सीटों में से एक पर वह चुनाव लड़ें. सोमवार को दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं और राहुल गांधी जहां से कहेंगे वह चुनाव लड़ेंगे. दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, धन्यवाद कमल नाथ जी को जिन्होंने मप्र में कॉंग्रेस की कमजोर सीटों पर लड़ने का आमंत्रण दिया. उन्होंने मुझे इस लायक समझा मैं उनका आभारी हूं. मैं राघौगढ़ की जनता की कृपा से 1977 की जनता पार्टी लहर में भी लड़ कर जीत कर आया था. चुनौतीयों को स्वीकार करना मेरी आदत है. जहां से भी मेरे नेता राहुल गांधी जी कहेंगे मैं लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार हूं. नर्मदे हर.

बता दें कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से आग्रह किया है कि यदि वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं तो कांग्रेस के लिए प्रदेश में कुछ कठिन सीटों में से एक पर वह चुनाव लड़ें. कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने दिग्वियज सिंह (राज्यसभा सांसद) से आग्रह किया है कि यदि वह चुनाव लड़ना चाहते हैं तो वह किसी कठिन सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ें. परोक्ष तौर पर भोपाल और इन्दौर जैसी लोकसभा सीटों की बात करते हुए उन्होंने कहा, प्रदेश में 2-3 लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां से हम 30-35 सालों से जीते नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह स्वयं तय कर लें कि वह कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं. एक सवाल के उत्तर में उन्होंने कहा कि अगले 3-4 दिन में लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवारों के टिकट वितरण का काम शुरू होगा. कमलनाथ चाहते हैं कि दिग्वियज सिंह भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें. भोपाल से कांग्रेस वर्ष 1989 के बाद से चुनाव नहीं जीती है. मुख्यमंत्री कमलनाथ दो दिवसीय छिंदवाड़ा के दौरे पर आए हैं. यहां वह 11 चुनावी सभाओं को सम्बोधित करेंगे.

छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कमलनाथ के पुत्र नकुल नाथ के कांग्रेस उम्मीदवार बनने की उम्मीद है. इसके साथ ही कमलनाथ 29 अप्रैल को छिंदवाड़ा से विधानसभा सीट का उपचुनाव लड़ेंगे. कमलनाथ छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से नौ दफा सांसद रहे हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद नियमानुसार छह माह के अंदर उन्हें मध्यप्रदेश विधानसभा का सदस्य निर्वाचित होना है. उपचुनाव कराने के लिये दीपक सक्सेना ने छिंदवाड़ा विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर कमलनाथ के लिये रास्ता साफ कर दिया था.