नई दिल्‍ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में 22 बागी विधायकों में से 13 ने आश्वस्त किया है कि वे कांग्रेस छोड़कर नहीं जा रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार को विश्वास मत जीतने का भरोसा है और हम चुप नहीं रहे, हम सो नहीं रहे हैं. दिग्विजय सिंह नेे कहा, हमेंं यह अंदाजा नहीं था कि सिंधिया कांग्रेस छोड़ देंगे, “वह एक गलती थी” Also Read - कांग्रेस ने सांसदों के वेतन में कटौती का स्वागत किया, सांसद निधि बहाल करने की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश में उपमुख्यमंत्री के पद की पेशकश की गई, लेकिन वह अपने नामित व्यक्ति को इस पद पर चाहते थे, कमलनाथ ने चेला स्वीकार करने से इनकार कर दिया. सिंह ने कहा कि सिंधिया राज्यसभा के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते थे, लेकिन अति महत्वाकांक्षी नेता को केवल मोदी-शाह मंत्री पद दे सकते हैं. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस को जबरदस्त झटका देते हुए पार्टी के प्रमुख युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया. सिंधिया के साथ ही उनके समर्थक पार्टी के 22 विधायकों के इस्तीफे से राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

इससे एक दिन पहले राज्य से कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी और फिर 22 विधायकों ने विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया

दिग्विजय सिंह ने कहा,  हमे यह अंदाजा नहीं था कि सिंधिया कांग्रेस छोड़ देंगे, “वह एक गलती थी”.

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार को गिराने में शिवराज सिंह चौहान के विफल होने के बाद भाजपा ने सिंधिया को ऐसा करने के लिए तैयार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों को मोटी रकम की पेशकश की गई

सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद 15 माह पुरानी कमलनाथ सरकार गिरने की कगार पर आ गई है और अब कांग्रेस कमलनाथ सरकार को बचाने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है. कांग्रेस छोड़ने वाले 49 वर्षीय सिंधिया केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. उनकी दादी दिवंगत विजय राजे सिंधिया इसी पार्टी में थीं. ऐसी अटकले हैं कि सिंधिया को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है और उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है.