नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी, उनके सहयोगियों तथा उनके पिता द्वारा प्रवर्तित कंपनी मोजर बेयर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ आठ हजार करोड़ रुपये के बैंक ऋण मनी लौंड्रिंग से संबंधित एक मामले में बृहस्पतिवार को यहां एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया.

एजेंसी ने कहा, ‘जांच में पता चला कि पुरी ने बैंकों से मिले कर्ज की राशि को दुनियाभर में स्थित मोजर बेयर की अनुषंगियों को हस्तांतरित कर दिया.’ इसके साथ ही पुरी ने विभिन्न हवाला कारोबारियों तथा पेशेवरों की मदद से विभिन्न न्यायाधिकार क्षेत्रों में कॉरपोरेट संरचना तैयार की और कारखाने तथा अचल संपत्तियां खरीदने में निवेश किया. उन्होंने दुबई स्थित हवाला कारोबारी राजीव सक्सेना से मिले क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर आलीशान जीवन जीया.

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सक्सेना 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में एक मुख्य आरोपी है. उसे इसी साल प्रत्यर्पित कर दुबई से भारत लाया गया. एजेंसी ने कहा, क्रेडिट कार्ड से विलासितापूर्ण जीवन के लए 45 लाख डॉलर खर्च किए गए.

ईडी ने कहा कि विभिन्न बैंकों से लिए गए 7,979.30 करोड़ रुपये के कर्ज का मोजर बेयर, उसके निदेशकों तथा प्रवर्तकों ने अपने निजी इस्तेमाल में दुरुपयोग किया और उसे पुरी की हिंदुस्तान पावर समूह की कंपनियों में हस्तांतरित कर दिया गया. ईडी ने कहा कि ऋण पाने तथा कॉरपोरेट ऋण की पुनर्संरचना के लिये बैंकों को जाली दस्तावेज सौंपे गए. ऋण की वसूली का कोई प्रयास नहीं किया गया. अधिकांश अनुषंगियों के ऊपर बैंकों का कुल 7,979.30 करोड़ रुपये का बकाया है.

सीबीआई ने रतुल पुरी, उसके पिता दीपक पुरी, मां नीता और अन्य के खिलाफ 354 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी. ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर मामला दर्ज किया. बैंक ने दावा किया था कि कंपनी और इसके निदेशकों ने जाली दस्तावेज सौंप कर बैंक को चूना लगाया.

(इनपुट-भाषा)