नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस दंपती अरविंद और टीनू जोशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े धन शोधन के एक मामले में आरोपपत्र दाखिल किया. एजेंसी ने आईएएस दंपती और उनके परिवार के सदस्यों समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ एक विशेष पीएमएलए अदालत में 15 हजार से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया. Also Read - मुलायम-अखिलेश की आय से अधिक संपत्ति मामले में एक माह में जवाब दाखिल करे CBI: सुप्रीम कोर्ट

एजेंसी ने दंपती के खिलाफ मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस की प्राथमिकी और आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद मामले को अपने हाथ में लिया था. आरोप लगा था कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति जुटाई थी, जो 41 करोड़ 87 लाख 35 हजार 821 रुपए थी और उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 3151.32 प्रतिशत अधिक थी. ईडी ने पहले इस मामले में पीएमएलए कानून के तहत दंपती की 7.11 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली थी. Also Read - मुलायम-अखिलेश के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने CBI को थमाया नोटिस

7.11 करोड़ के काले धन को सफेद किया
मध्यप्रदेश कैडर के बर्खास्त आईएएस दंपति अरविंद जोशी और टीनू जोशी के खिलाफ धनशोधन की मामले की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अहम खुलासा किया है.
– ईडी के मुताबिक इस दंपति ने भ्रष्टाचार की करीब 7.11 करोड़ रुपए की काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने रिश्तेदारों और नजदीकी लोगों के नाम पर बीमा योजनाएं और अचल सम्पत्तियां खरीदीं
 अधिकांश मिल्कियत नकदी के इस्तेमाल से खरीदी गई
– ईडी के इंदौर स्थित उप क्षेत्रीय कार्यालय के एक अधिकारी ने बीते दिनों जारी विज्ञप्ति में बताया कि भोपाल की एक अदालत में पीएमएलए के तहत पेश 1,552 पन्नों के आरोप पत्र में ये इल्जाम लगाए गए हैं.

– बर्खास्त आईएएस दम्पति के खिलाफ धन शोधन के मामले की जांच में आपराधिक जरियों से अर्जित कुल रकम लगभग 7.11 करोड़ रुपए पाई गई है
– इनमें तीन करोड़ तीन लाख 20 हजार 350 रुप, की नकदी, तीन करोड़ 21 लाख 58 हजार 975 रुपए की बीमा योजनाएं और 85.72 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां शामिल हैं.

बर्खास्त आईएएस समेत 8 पर आरोप
भोपाल की अदालत में जिन आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया, उनमें बर्खास्त आईएएस दंपति और उनके तीन नजदीकी रिश्तदारों के अलावा उनके विश्वस्त सहयोगी एसपी कोहली तथा उनके पुत्र सीमांत कोहली और एक निजी बीमा कंपनी की प्रबंधक सीमा जायसवाल शामिल हैं.

परिवार के सदस्यों के नाम करोड़ों का निवेश
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि तत्कालीन आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी ने आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल की बीमा योजनाओं में अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर तीन करोड़ 21 लाख 58 हजार 975 रुपए का निवेश किया.

छापे में करोड़ों की नकदी मिली थी
आयकर विभाग के साथ 2010 में मारे गए छापों में अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के निवास पर तीन करोड़ तीन लाख 20 हजार 350 रुपए की नकदी पाई गई थी और तत्कालीन आईएएस दंपत्ति इसके बारे में जांच एजेंसियों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे.

रिश्वत का पैसा सफेद करने में एसपी की भी रही भूमिका
ईडी की विस्तृत जांच में यह भी पाया गया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहने के दौरान जोशी दंपति द्वारा घूस के जरिए कमाए काले धन को सफेद करने में उनके विश्वस्त सहयोगी एसपी कोहली की प्रमुख भूमिका रही है. आरोप है कि कोहली ने इस धन के इस्तेमाल से आभा जोशी गनी (अरविंद जोशी की बहन), सीमांत कोहली (एसपी कोहली का पुत्र) और हर्ष कोहली (एसपी कोहली की पत्नी) के साथ ईथोस एक्सपोर्ट्स नाम की निजी कम्पनी के नाम पर कुल 85.72 लाख रुपए मूल्य की अचल सम्पत्तियां खरीदीं. इनमें कुल 110.43 एकड़ कृषि भूमि और 610 वर्ग फुट का फ्लैट शामिल हैं.

जमीन खरीदने के लिए बनाई थी कंपनी
जांच में मालूम पड़ा कि ईथोस एक्सपोर्ट्स कंपनी कृषि भूमियां खरीदने के लिए ही बनाई गई गई थी और इसकी आय का कोई वैध जरिया नहीं था. कागजों में इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय भोपाल के जिस पते पर दिखाया गया है, वह जगह दरअसल अरविंद जोशी के पिता एचएम जोशी का घर है.

नकदी लेन-देन में कोड वर्ड का होता था उपयोग
अधिकारी के मुताबिक ईडी की छानबीन में यह भी पता चला कि अरविंद जोशी और एसपी कोहली एक-दूसरे से नकदी का जो लेन-देन करते थे, उसका हस्तलिखित दस्तावेजों में पूरा हिसाब रखते थे यह हिसाब “कोड वर्ड” में दर्ज किया जाता था.

31151. 32 फीसदी आय ज्यादा
आयकर विभाग ने अरविन्द जोशी और टीनू जोशी के ठिकानों पर वर्ष 2010 में छापे मारे थे और तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी के साथ बेहिसाब संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे. इसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस के लोकायुक्त दस्ते ने आईएएस दंपति के खिलाफ आय के वैध जरियों के मुकाबले अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था. इस मामले में लोकायुक्त पुलिस के दायर आरोप पत्र में कहा गया था कि आईएएस दंपति ने 41.87 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई जो, उनकी आय के वैध जरियों के मुकाबले 3151. 32 प्रतिशत ज्यादा है.

(इनपुट- एजेंसी)