बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में कर्ज से परेशान एक किसान के आत्महत्या करने के मामले ने तूल पकड़ता जा रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि किसान ने सूदखोर से कर्ज लेकर बेटे को गिरवी रखा था और जब वह उसमें नाकाम रहा, तो उसने जान दे दी. कांग्रेस कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ की मौजूदगी में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने रविवार को संवाददाताओं के सवाल का जवाब देते हुए यह बात कही. Also Read - किसानों को लेकर दो सीएम भिड़े: अमरिंदर सिंह ने कहा- किसानों को रोकना असंवैधानिक, मनोहर खट्टर बोले- ... तो मैं छोड़ दूंगा राजनीति

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सूदखोरों के खिलाफ कानून बनाने का प्रस्ताव सात साल पहले तैयार किया जिस पर अब तक अमल नहीं हुआ. उसी का नतीजा है कि एक किसान कारकुंडा (42) ने बुरहानपुर के भोलना गांव में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली. सिंह ने कहा कि सामने जो बात आई है, वह राज्य को कलंकित करने वाली है, क्योंकि उसने एक सूदखोर से कर्ज लेकर अपने बेटे को गिरवी रखा था और उसे वह छुड़ा नहीं पाया. Also Read - दिल्ली कूच को तैयार कई राज्यों के किसान, बोले- हरियाणा पार नहीं करने दिया तो जाम कर देंगे हाईवे

हालांकि बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक पंकज श्रीवास्तव ने इस बात को साफ नकार दिया कि किसान ने बेटे को गिरवी रखकर कर्ज लिया था और उसे छुड़ा न पाने पर आत्महत्या की. उन्होंने कहा कि जो कहा जा रहा है, वह एकतरफा बात है. गांव के सरपंच ओमराज वावस्कर ने संवाददाताओं को बताया है कि यह सही है कि कारकुंडा पर सोसायटी का डेढ़ लाख रुपये का कर्ज था. उसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है. Also Read - कृषि कानूनों का विरोध: दिल्ली आने वाले किसानों को पुलिस ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

-इनपुट आईएएनएस