रतलाम: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में बिना अनुमति के रैली निकालने तथा निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने रतलाम लोकसभा सीट से भाजपा सांसद जीएस डामोर और तीन भाजपा विधायकों सहित 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एफआईआर में भाजपा सांसद डामोर, भाजपा विधायकों चेतन कश्यप (रतलाम शहर), राजेंद्र पांडे (जावरा) और दिलीप मकवाना (रतलाम ग्रामीण) के नाम शामिल हैं.

सांसद डामोर, भाजपा विधायकों, बीजेपी के स्थानीय नेताओं और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीएए के समर्थन में रैली निकाली थी. इस रैली के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात को सांसद डामोर और भाजपा के तीन विधायकों सहित रैली में शामिल 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

बता दें कि बीजेपी एमपी डामोर के खिलाफ यह दूसरा मामला है. इससे पहले झाबुआ शहर में सीएए के समर्थन में बिना अनुमति के रैली निकालने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत बकलवाल ने बताया कि प्रशासन की अनुमति के बिना कॉलेज रोड से नगर निगम चौराहे तक रैली निकाली गई. प्रशासन ने इस रैली को अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.

एएसपी बकलवाल ने बताया कि स्टेशन रोड पुलिस थाना प्रभारी और स्थानीय तहसीलदार की संयुक्त रिपोर्ट पर 38 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. एफआईआर में भाजपा सांसद डामोर, भाजपा विधायकों चेतन कश्यप (रतलाम शहर), राजेंद्र पांडे (जावरा) और दिलीप मकवाना (रतलाम ग्रामीण) के नाम शामिल हैं.

वहीं, दूसरी ओर बीजेपी विधायक चेतन कश्यप ने कहा कि सीएए संविधान का हिस्सा है. कश्यप ने कहा, ”हर नागरिक का कर्तव्य और अधिकार है कि वह सीएए का सम्मान और समर्थन करे. सीएए का शांतिपूवर्क समर्थन कर रहे लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई कमलनाथ सरकार की तानाशाही है.”