रतलाम: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में बिना अनुमति के रैली निकालने तथा निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने रतलाम लोकसभा सीट से भाजपा सांसद जीएस डामोर और तीन भाजपा विधायकों सहित 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एफआईआर में भाजपा सांसद डामोर, भाजपा विधायकों चेतन कश्यप (रतलाम शहर), राजेंद्र पांडे (जावरा) और दिलीप मकवाना (रतलाम ग्रामीण) के नाम शामिल हैं. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

सांसद डामोर, भाजपा विधायकों, बीजेपी के स्थानीय नेताओं और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीएए के समर्थन में रैली निकाली थी. इस रैली के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात को सांसद डामोर और भाजपा के तीन विधायकों सहित रैली में शामिल 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. Also Read - West Bengal: BJP अध्‍यक्ष JP Nadda ने लॉन्‍च किया 'सोनार बांग्‍ला' अभियान, एक्‍ट्रेस Payel Sarkar ने ज्‍वाइन की भाजपा

बता दें कि बीजेपी एमपी डामोर के खिलाफ यह दूसरा मामला है. इससे पहले झाबुआ शहर में सीएए के समर्थन में बिना अनुमति के रैली निकालने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत बकलवाल ने बताया कि प्रशासन की अनुमति के बिना कॉलेज रोड से नगर निगम चौराहे तक रैली निकाली गई. प्रशासन ने इस रैली को अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है.

एएसपी बकलवाल ने बताया कि स्टेशन रोड पुलिस थाना प्रभारी और स्थानीय तहसीलदार की संयुक्त रिपोर्ट पर 38 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. एफआईआर में भाजपा सांसद डामोर, भाजपा विधायकों चेतन कश्यप (रतलाम शहर), राजेंद्र पांडे (जावरा) और दिलीप मकवाना (रतलाम ग्रामीण) के नाम शामिल हैं.

वहीं, दूसरी ओर बीजेपी विधायक चेतन कश्यप ने कहा कि सीएए संविधान का हिस्सा है. कश्यप ने कहा, ”हर नागरिक का कर्तव्य और अधिकार है कि वह सीएए का सम्मान और समर्थन करे. सीएए का शांतिपूवर्क समर्थन कर रहे लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई कमलनाथ सरकार की तानाशाही है.”