इंदौर: बीजेपी ने रविवार को कहा कि अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर उनका मंदिर बनाने के मसले में उसकी केंद्र सरकार “मर्यादा” का पालन कर रही है और लोगों को इस देवालय का निर्माण होते देखने के लिए कयामत तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने इंदौर प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से कहा,  “राम मंदिर मामले में विचार-विमर्श का दौर जारी है. इस मंदिर के लिए कयामत तक इंतजार नहीं करना होगा. हमें उम्मीद है कि यह मामला जल्द सुलझेगा.”

राम मंदिर मामले में सारे रास्‍ते खुले हैं
बीजेपी प्रवक्‍ता ने कहा, ”राम मंदिर मामला फिलहाल शीर्ष न्यायालय में लंबित है. हिंदू हों या मुस्लिम, पूरे देश के लोग चाहते हैं कि इस मामले में जल्द फैसला हो. भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है. राम मंदिर मामले में हमारी सरकार भी मर्यादा के रास्ते पर चल रही है.” हुसैन ने कहा कि राम मंदिर मामले में संसद में कानून बनाने से लेकर आपसी बातचीत से इस मसले को सुलझाने तक के सारे रास्ते नरेंद्र मोदी सरकार के लिए खुले हैं.

अमृतसर में ग्रेनेड हमला, पाक समर्थित आतंकियों पर संदेह
बीजेपी प्रवक्ता ने अमृतसर में एक धार्मिक सभा में ग्रेनेड हमले में तीन लोगों की मौत पर शोक जताते हुए इस वारदात में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के हाथ का संदेह जताया. उन्होंने कहा, “लगता है कि जम्मू-कश्मीर के बाद पाकिस्तान पंजाब में भी आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है. लेकिन वह अपने नापाक मंसूबों में कभी कामयाब नहीं हो सकेगा.”

शहरों के नाम बदलकर विरासत के साथ इंसाफ
उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सियासी फायदे के लिए शहरों के नाम बदले जाने के विपक्षी दलों के आरोपों पर हुसैन ने कहा, “विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों ने नाइंसाफी करते हुए हमारे शहरों के प्राचीन नाम बदले थे. हमने देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ इंसाफ करते हुए शहरों को उनके प्राचीन नाम लौटाए हैं.”

टोपी इबादत के लिए या सियासत के लिए
मुस्लिम टोपी पहनने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित परहेज का सबब पूछे जाने पर बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “प्रधानमंत्री को किसी भी चीज से कोई परहेज नहीं है. लेकिन पहले इस सवाल का जवाब दिया जाना चाहिए कि टोपी इबादत के लिए होती है या सियासी इस्तेमाल के लिए?”