भोपाल: मध्‍य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के 26 साल के युवा डॉक्‍टर शुभम उपाध्याय की कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इलाज के दौरान बुधवार को भोपाल के एक प्राइवेट हॉस्‍पिटल में मौत हो गई थी. दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार ने कहा था कि उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल से विमान के जरिए चेन्नई ले जाने की तैयारी चल रही थी, तभी उन्‍होंने दम तोड़ दिया. Also Read - SL vs ENG: दो होटल स्‍टाफ में कोरोना संक्रमण फैलने से मचा हड़कंप, ECB ने जारी किया स्‍टेटमेंट

चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निदेशक डॉ. अजय गोयनका ने बताया कि गंभीर रूप से संक्रमित डॉ. शुभम उपाध्‍याय के इलाज के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार ने कहा था पूरा खर्च वहन किया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि पटेल ने बताया कि डॉक्‍टर विचार कर रहे थे कि जैसे ही वह थोड़ा स्थिर लगेंगे, उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल से विमान के जरिए चेन्नई ले जाया जाएगा, लेकिन, इसी बीच उपाध्याय ने दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने कहा था कि उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी Also Read - Coronavirus Vaccination: इस देश ने कोविड-19 के लिए भारत में बनी एस्ट्राजेनेका के टीके को दी मंजूरी

डॉ. गोयनका ने बताया ” डॉक्टर शुभम उपाध्याय (26) की बुधवार को हमारे अस्पताल में मौत हो गई. वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे और 10 नवंबर से हमारे अस्पताल में भर्ती थे. उन्होंने कहा, ”उनके फेफड़े पूरी तरह खराब हो गये थे.” Also Read - कोविड वैक्सीनेशन से पहले बोले स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन- कल एक अहम दिन...कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह अंतिम चरण

डॉक्‍टर उपाध्याय को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लाने वाले उनके सहकर्मी चिकत्सक डॉ. उमेश पटेल ने बताया, डॉक्‍टर उपाध्याय ने इसी साल आठ अप्रैल को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में संविदा चिकित्सक के रूप में ड्यूटी ज्वाइन की थी. वह वहां पर कोविड-19 मेडिकल अधिकारी थे.”

उन्होंने कहा कि डॉक्‍टर शुभम उपाध्‍याय 28 अक्टूबर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और तब से लेकर 10 नवंबर तक उनका इलाज सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, लेकिन उनकी स्थिति अत्यधिक खराब होने के कारण उन्हें 10 नवंबर को भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेफर किया गया और तब से उनका इलाज इसी अस्पताल में चल रहा था.

पटेल ने बताया, उपाध्याय को फेफड़े ट्रांसप्लांट करवाने के लिए चेन्नई के एमजीएम अस्पताल ले जाने की तैयारी चल रही थी. पिछले दो दिन से चेन्नई के चिकित्सकों की टीम यहां आकर उनकी निरंतर निगरानी भी कर रही थी.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ”मन पीड़ा और दुःख से भरा हुआ है. हमारे जांबाज कोरोना योद्धा डॉ. शुभम कुमार उपाध्याय, जो निःस्वार्थ भाव से दिन और रात एक कर कोविड-19 पीड़ितों की सेवा करते हुए संक्रमित हुए थे, उन्होंने आज अपने प्राण न्यौछावर कर दिए. समाज की सेवा का अद्भुत और अनुपम उदाहरण डॉ. शुभम ने पेश किया. उन्होंने कहा, ”डॉक्टर बनते समय उन्हें जो शपथ दिलाई गई है, उसका एक-एक अक्षर डॉ. शुभम ने सार्थक कर दिखाया. उन्होंने देश का एक सच्चा नागरिक होने का परिचय दिया. मैं भारत मां के ऐसे सपूत के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को शांति दें.”

सीएम चौहान ने आगे कहा, ”मुझे और पूरे मध्यप्रदेश को उन पर गर्व है. हमारी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ हैं. ईश्वर उन्हें यह वज्रपात सहने की क्षमता प्रदान करें. मैं और प्रदेश सरकार, डॉ. शुभम उपाध्याय के परिवार के साथ खड़े है.”