इंदौर/भोपाल: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश ने शनिवार को 39 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. भारी बारिश से अलग-अलग इलाकों में जल जमाव से करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए. इनमें से लगभग 2,500 लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. वहीं, भोपाल में बाढ़ में फंसे से 85 लोगों को बचाया गया है. Also Read - अगले सप्ताह से वापस होगा मानसून, कई राज्यों में हो सकती है भारी बारिश, जानें मौसम के बारे में क्या है आईएमडी की रिपोर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन में बताया गया कि भोपाल में शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 210 मिमी बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के बुलेटिन में बताया गया कि भोपाल में शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 210 मिमी बारिश हुई है. विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति पर समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राज्य नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए थे. Also Read - सड़क पर घूमने वाले कुत्तों का काल बना भोपाल का यह शख्स, हरकतें ऐसी कि पुलिस ने किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश में बाढ़ के हालात के कारण भोपाल के डैम खेड़ा से आसपास आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. शनिवार को धार जिले में दीवार गिरने से 70 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई,  जबकि दो साल का एक बालक एक उफनते नाले में बह गया. Also Read - कोविड-19 : पारंपरिक शोक बैठकों की जगह शुरू हुए 'चलित' और 'ऑनलाइन' उठावने, जानें इससे जुड़ी बातें

इंदौर 10,000 लोग प्रभावित, 2,500 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया
इंदौर नगर निगम (आईएमसी) की आयुक्त प्रतिभा पाल ने बताया, “जल जमाव से शहर के अलग-अलग इलाकों के करीब 10,000 लोग किसी न किसी तरह प्रभावित हुए. वर्षा से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य लगातार जारी है.” जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया, “शहर में बारिश के पानी से घिरीं निचली बस्तियों के लगभग 2,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. कुछ इलाकों में लोगों को बचाने के लिए रबर की नावों की मदद भी ली गई.”

अधिकारियों ने बताया कि जल जमाव से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में सिकंदराबाद कॉलोनी, जूना रिसाला, रामानंद नगर, अर्जुन सिंह नगर, कुम्हारखाड़ी और श्याम नगर कांकड़ शामिल हैं. इन जलमग्न इलाकों के निवासियों को सुरक्षित बचाते हुए सरकारी स्कूलों, महाविद्यालयों, छात्रावासों और धर्मशालाओं में ले जाया गया.

रिकॉर्ड अब ध्वस्त हो गया
इस बीच, मौसम विभाग के वैज्ञानिक अमितेश यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे के बीच शहर में 263.4 मिलीमीटर (10.37 इंच) बारिश दर्ज की गई. उन्होंने बताया, “शहर में इससे पहले 10 अगस्त 1981 को 24 घंटे में 212.6 मिलीमीटर (8.37 इंच) बारिश दर्ज की गई थी. यह रिकॉर्ड अब ध्वस्त हो गया है.”

इंदौर की अधिकांश प्रमुख सड़कें जलमग्न
शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कों के जलमग्न होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. रीगल चौराहा स्थित पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय के परिसर में भी पानी भरा देखा गया. चश्मदीदों ने बताया कि भारी बारिश के बाद महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के तलघर के दो वॉर्डों में पानी भर गया. एमवायएच, मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है. एमवायएच के अधीक्षक पीएस ठाकुर ने बताया, “तलघर स्थित सहारा वॉर्ड (बेसहारा मरीजों के वॉर्ड) और जेल वॉर्ड (कैदियों के वॉर्ड) में पानी भर जाने के बाद इनमें भर्ती मरीजों को अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थानांतरित किया गया.”

भोपाल में बाढ़ में फंसे से 85 लोग और मवेशी बचाए गए
भोपाल और आसपास के क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ आ गई( और शहर की कई निचले इलाकों में जल जमाव की स्थिति बन गई है. आपदा मोचन दलों ने भोपाल जिले में बाढ़ में फंसे लगभग 85 लोगों को और लगभग दो दर्जन मवेशियों को बचाया है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवानों को धन्‍यवाद दिया
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को ट्वीट किया, ”आज भोपाल में होम गार्ड और राज्य आपदा मोचन दल (एसडीआरएफ) की बचाव टीम ने सजगता के साथ कार्य करते हुए बाढ़ के कारण फंसे करीब 85 नागरिकों और दो दर्जन से ज़्यादा मवेशियों को जीवित बचाया है. मानवता की सेवा का यह अनूठा उदाहरण है. मैं सभी जवानों के सेवाभाव को प्रणाम करता हूं और उन्हें धन्यवाद देता हूं.’

बाढ़ में फंसे पिता एवं उसके 3 साल के बच्चे सहित पशुओं को बचाया
चौहान ने लिखा, ”भोपाल के छान गांव में झूंसी नदी में आई बाढ़ में फंसे पिता एवं उसके 3 साल के बच्चे सहित पशुओं का राष्ट्रीय आपदा मोचन दल (एनडीआरएफ) एवं एसडीआरएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए बचाया. मैं पूरी टीम को बधाई और धन्यवाद देता हूं. आपने अपनी जान की बाज़ी लगाकर दूसरों की जान बचाई है. इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है.’

बाढ़ में फंसे एक दंपत्ति को भी बचाया
इस बीच, प्रदेश के जनसंपर्क विभाग ने कहा कि होम गार्ड ने भोपाल के परवलिया इलाके में बाढ़ में फंसे एक दंपत्ति, उनके बच्चे और मवेशियों को बचाया. एक अन्य बचाव कार्य में एनडीआरएफ ने पिपलिया धाकड़ में एक घंटे की मेहनत के बाद कोलारस नदी के बढ़ते पानी के कारण खेतों में फंसे मोहन और उसके परिवार के तीन सदस्यों को बचा लिया.