Fake CBI Gang, Madhya Pradesh, MP, Akshay Kumar, Chhatarpur, CBI, Special 26, UP, Delhi, छतरपुर: बॉलीवुड एक्‍टर अक्षय कुमार की फिल्‍म ‘स्पेशल 26’से प्रेरित होकर फर्जी CBI अफसर बनकर डकैती डालने वाले गिरोह के 6 बदमाशों को गिरफ्तार करके छतरपुर जिले की पुलिस ने सीबीआई ने नाम पर लूट-डकैती को अंजाम देने वाले अंतरराज्‍यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मध्‍य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव में बेवरीज डिस्टलरी में वारदात को अंजाम देने के आरोप में 6 लोगों को दिल्ली, भोपाल एवं उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है. इस गिरोह के सदस्‍य सीबीआई अफसर बनकर छापे की कार्रवाई के नाम पर लूट और डकैती को अंजाम देते थे.Also Read - ISI Terror Module: ओसामा के चाचा ने प्रयागराज में सरेंडर किया, देश में पूरे आतंकी नेटवर्क को को-ऑर्डिनेट कर रहा था

पुलिस के मुताबिक, इस अंतरराज्‍यीय गिरोह ने बीते दिनों छह अगस्त की सुबह 8 बजे  छतरपुर ज‍िले के नौगांव के निकट एक शराब डिस्टलरी में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था. Also Read - Rajya Sabha by-Polls: BJP ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एल मुरुगन को इन राज्‍यों से उम्मीदवार किया घोषित

छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने रविवार को बताया कि छतरपुर से 24 किलोमीटर दूर नौगांव नगर के निकट एक शराब की शराब डिस्टलरी में छह अगस्त की सुबह फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक शराब की भट्टी के संचालक को पिस्तौल दिखाकर दो लाख रुपए लूटने के मामले में छह लोगों को दिल्ली, भोपाल एवं उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है. Also Read - Terror Module: महाराष्‍ट्र ATS- मुंबई पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक व्‍यक्ति को मुंबई में हिरासत में लिया

एसपपी  शर्मा ने बताया कि इन लोगों ने पहले जांच के नाम पर जैकपिन बैबरिज डिस्टलरी के डायरेक्‍टर निखिल बंसल  को धमकाया और फिर मामला निपटाने के लिए कहा लेकिन जब उनकी बात नहीं बनी, तो उन्होंने पिस्तौल दिखाकर दराज में रखे दो लाख रुपए और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क निकाल ली और वहां से चले गए. बंसल की शिकायत पर नौगांव थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

एसपी शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धर्मेंद्र कुमार बाल्मीकि (45), देवेंद्र कुमार जुलाहा (44), अविनाश कुमार मौर्य (40), बुधराम गुर्जर (44) , शिवपाल सिंह भदोरिया (42) और देवेंद्र पाठक (39) को गिरफ्तार कर लिया है. इन्हें दिल्ली, भोपाल एवं उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है. एसपी ने कहा कि आरोपियों ने बताया कि हिन्दी फिल्म ‘स्पेशल 26’ से प्रेरित होकर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था.

छतरपुर पुलिस के मुताबिक, जैकपिन बैबरिज डिस्टलरी के डायरेक्‍टर निखिल बंसल ने नौगांव पुलिस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 6 अगस्‍त 2021 को सुबह 8 बजे 5-6 लोग फैक्ट्री में आए और खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि साल 2020 में अलीगढ़ में जहरीली शराबकांड जो मामला था, उसकी जांच करने आए हैं.

फर्जी सीबीआई टीम के सदस्‍यों ने फैक्‍ट्री के गार्डों को कहा- एक लाइन में खड़ा हो जाओ और कोई कुछ नहीं करेगा. दो लोग वर्दी में थे, एक सब-इंस्‍पेक्‍टर और दूसरा कॉन्‍स्‍टेबल और एक अन्‍य सिविल ड्रेस में था रिवाल्‍वर लिए हुए थे. डिस्टलरी मालिक बंसल के पूछने पर वर्दी वाले सब- इंस्‍पेक्‍टर ने कहा, हमने पहले आपको सम्मन भेजा था आप आए नही. इस पर बंसल ने जवाब द‍िया.. हमे कोई सम्मन नही मिला है यदि कोई सम्मन जारी हुआ है तो उसकी कॉपी दिखाएं तो उनमें से दूसरा शख्‍स बोला-, बहुत देर हो गई है, इनको लखनऊ लेकर चलो. तब बंसल ने कहा, मैं अपने वकील को बुला लेता हूं, तो उन्होंने कहा- कुछ नही, चलो सब बातें लखनऊ में जाकर होगी. इस पर बंसल ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि हमारी शराब उतर प्रदेश में नहीं जाती है और हमारी डिस्लरी रजिस्ट्रर्ड है. अलीगढ यहां से करीब 500-600 किमी दूर है. तभी एक आदमी जो कि सब इस्पेंक्‍टर की वर्दी मे था, बंसल को अकेले में बुलाकर कहा, आपको को मामला निपटाना है या बहस करनी है, तो डि‍स्‍टलरी माल‍िक ने कहा-” मैने कुछ गलत नही किया है, मुझे नहीं निपटाना है.”

सीबीई की संदिग्ध व्यक्तियों की टीम में जो सीनियर बनकर बात कर रहा था, उसने खुद को एडशिनल एसपी के तौर पर सीबीआई के लखनऊ कार्यालय में पदस्थ होना बताया  था और एक सीबीआई का परिचय पत्र भी दिखाया. फर्जी सीबीआई अधिकारियों ने बंसल पर काफी दबाब बनाया, लेकिन वह दबाव में नहीं आए और मामला दफा करने पर राजी नहीं हुआ तो सब- इंस्पेक्‍टर की वर्दी वाले और, फर्जी सीबीआई के एडिशनल एसपी ने पिस्टल निकालकर बंसल और उसके मैनेजर राजीव मित्तल के सीने में लगा दी और आफिस की तलाशी करने लगे. उन्‍होंने दराज में रखे दो लाख रुपए पिस्टल दिखाकर छीन लिए और जाते समय ऑफिस और गेट में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग वाले करीब 1500 हजार रुपए के कीमती डीवीआर को भी लेकर भाग गए.

पुलिस ने मामले में टीम गठित कर जांच शुरू कर दी और इस दौरान मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.
1. धर्मेंद्र कुमार बाल्मीकि, पिता सागरराम बाल्मीकि, उम्र- 45 साल, निवासी- ग्राम सेहरा थाना बी.बी. नगर जिला बुलंदशहर, यूपी
2. देवेंद्र कुमार जुलाहा (पिता स्व. नेमचंद्र जुलाहा) उम्र- 44 साल, निवासी, ग्राम झूलझूली, तहसील साउथ बेस्ट, दिल्ली
3. अविनाश कुमार मौर्या (पिता- लक्ष्मीनारायण मौर्या) उम्र- 40 साल, निवासी, ग्राम झूलझूली पोस्ट घुम्मन ऐडा तहसील साउथ बेस्ट, दिल्ली
4. बुद्धराम गुर्जर (पिता बाबूराम गुर्जर) उम्र 44 साल, निवासी ग्राम जौनापुर (नई दिल्ली)
5. सिद्धपाल सिंह भदौरिया (पिता धर्मपाल सिंह भदौरिया) उम्र 42 साल, निवासी, 515, रोहितनगर ई-8 भोपाल, मध्‍य प्रदेश
6. देवेंद्र सिंह पाठक (पिता रूप सिंह पाठक), उम्र 39 साल, निवासी, नई बस्ती मऊरानीपुर जिला झांसी, उत्‍तर प्रदेश

क्‍या हुआ बरामद: 2 गाडी ( चार पहिया बिना नंबर प्लेट की, जिनमें एक सफेद रंग की सफारी, एक ब्रेजा गाडी ज‍िसका घटना में उपयोग क‍िया गया है),  3 यूनिफार्म ( एक सब इंस्पेक्टर और 2 आरक्षक की), 2 पिस्टल, 10 राउंड कारतूस, सीबीआई के फर्जी आईकार्ड, दस्तावेज, लूटे  गए सीसीटीवी कैमरे का डीबीआर और नगद 2 लाख रुपए व अन्‍य सामान

इस टीम में कौन-कौन शामिल थे
पुलिस अधीक्षक छतरपुर द्वारा गठित स्‍पेशल टीम का नेतृत्‍व नौगांव के एसडीओपी केके जैन ने किया. टीम में इंस्‍पेक्‍टर अरविंद सिंह दांगी, इंस्‍पेक्‍टर संजय बेदिया, सब-इंस्‍पेक्‍ट शैलेंद्र यादव, हेडकॉन्‍स्‍टेबल हृदेश, रामराज, अरविंद शर्मा, शेख समीम, सीनियर कॉस्‍टबेबल हरदीन, भूपेंद्र यादव, दीपक साहू, गजेन्द्र सिंह, रघुवीर.

कैसे पकड़े गए
सूत्रों ने बताया कि घटना पुरानी होने हो जाने की वजह से आरोपियों के पकड़े जाने के बाद घटना 6 अगस्त की बताई गई है. पुलिस के प्रेस नोट में आरोपियों के पकड़े जाने के स्थान का जिक्र नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताब‍िक आरोपी नौगांव के टोल बैरियर पर पकड़े गए हैं. 6 अगस्त को आरोपी फिर से एक गाड़ी में बैठ कर कहीं धावा बोलने जा रहे थे, लेकिन नौगांव पुलिस ने बैरियर प्रभारी को पूर्व में ही सूचना दे दी थी कि अगर कहीं कोई फर्जी सीबीआई अफसर बनकर निकले तो उन्हें बिठाकर चाय पिलाना है और पुलिस को सूचना दे देनी है. बैरियर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी है. इस पर आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया. एसपी सचिन शर्मा ने तुरंत लखनऊ से यह पता कर लिया कि कोई सीबीआई की टीम छतरपुर तो नहीं आई है. पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है.