इंदौर: बीजीपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के उन आरोपों के जवाब देते हुए विवादास्पद बयान दे डाला, जब मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार गिराने के लिए भाजपा द्वारा विधायकों को धन का लालच दिए जाने पर वे एक कार्यक्रम में कांग्रेस को जवाब दे रहे थे. विजयवर्गीय के इस बयान से विवाद खड़ा हो गया है. विजयवर्गीय ने दावा किया है कि कमलनाथ सरकार भाजपा की कृपा से चल रही है और जिस दिन भाजपा आलाकमान को छींक भर आ गई, उसी दिन मध्यप्रदेश में भाजपा फिर से सत्ता में आ जाएगी. उन्होंने बुधवार शाम यहां भाजपा के एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह सरकार (कमलनाथ सरकार) कैसी सरकार है? यह सरकार हमारी कृपा से चल रही है. जिस दिन ऊपर से बॉस का इशारा हो जाएगा ना…” Also Read - COVID-19: रणदीप सिंह सुरजेवाला और हरसिमरत कौर बादल कोरोना टेस्‍ट में पॉजिटिव

भाजपा महासचिव ने कहा, “हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के फैलाए भ्रम जाल के कारण प्रदेश में वोट थोड़ा इधर-उधर चला गया. लेकिन हमें निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है.” विजयवर्गीय ने भाजपा कार्यकर्ताओं को ढांढ़स बंधाते हुए कहा, “प्रदेश हमारे हाथ से चला गया, कोई बात नहीं. प्रदेश कभी भी वापस हमारे पास आ जाएगा. जिस दिन दिल्ली वालों को केवल एक छींक आ जाएगी, उसी दिन प्रदेश में हमारी सरकार बन जाएगी.” Also Read - यूपी: बीजेपी नेता की मौत, कार में मिली गोली लगी लाश, तमंचा और शराब की बोतल भी मिली

बीजेपी महासचिव ने यह भी कहा, “हम पिछले 15 साल से गाली देना भूल ही गए थे. चूंकि इस अवधि में राज्य में हमारी सरकार थी, तो अधिकारियों को केवल एक फोन करने पर हमारे काम हो जाते थे. अब हम सुबह साढ़े पांच बजे उठकर गाली याद करेंगे. जो अधिकारी काम नहीं करेगा, हम उसकी पूजा तो नहीं करेंगे.” Also Read - UP Panchayat Chunav: कुलदीप सेंगर की बेटी ने मां का टिकट कैंसिल होने पर भावुक वीडियो शेयर कर उठाए सवाल

उधर, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भाजपा महासचिव के विवादास्पद बयान पर सूबे के प्रमुख विपक्षी दल को घेरने में देर नहीं की. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, “विजयवर्गीय की बयानबाजी से साफ है कि चुनावी हार से तिलमिलायी भाजपा कमलनाथ सरकार गिराने के लिए विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है. भाजपा जनादेश का खुलेआम अपमान कर रही है.” उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विजयवर्गीय अपने बयानों से प्रदेश सरकार के अधिकारियों को धमकाकर उन पर भाजपा नेताओं के गलत काम करने के लिए बेजा दबाव बना रहे हैं.