इंदौर: हत्या के मामले के 35 वर्षीय विचाराधीन कैदी ने यहां शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवाईएच) में शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को कथित तौर पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

संयोगितागंज पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि रामकृष्ण कतिया (35) ने घावों पर बांधी जाने वाली पट्टी का फंदा बनाकर एमवाईएच के कैदी वॉर्ड के शौचालय में शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात दो बजे के आसपास यह कदम उठाया. उन्होंने बताया कि कतिया सूबे के हरदा जिले का रहने वाला था. हरदा की एक अदालत में उस पर हत्या का मुकदमा चल रहा था.

जेल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कतिया न्यायिक हिरासत के तहत हरदा की जिला जेल में बंद था. उसे अदालती आदेश पर मनोरोग के इलाज के लिए 17 अक्टूबर को इंदौर के केंद्रीय कारागार लाया गया था. इसके बाद उसे 30 अक्टूबर को एमवाईएच में भर्ती कराया गया था.

अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जेल प्रशासन ने इंदौर के जिला और सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर विचाराधीन कैदी की मौत के मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की गुजारिश की है.