इंदौर: आत्महत्या करने वाले आध्यात्मिक गुरु भय्यू महाराज के पूर्व ड्राइवर समेत तीन लोगों को जमानत देने से जिला अदालत ने बुधवार को इनकार कर दिया. इन्हें भय्यू महाराज के परिचित वकील को पांच करोड़ रुपए की फिरौती के लिए धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. तीनों आरोपियों को 13 दिसंबर को गिरफ्तार किया था. वे पिछले 6 दिनों से पुलिस हिरासत में थे. पुलिस हिरासत अवधि खत्म होने के बाद उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया गया था.

बता दें कि भय्यू महाराज (50) ने यहां अपने बाइपास रोड स्थित बंगले में 12 जून को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी.

प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) अंशु चौहान ने भय्यू महाराज के पूर्व ड्राइवर कैलाश पाटिल और उसके दो साथियों -अनुराग रोजिया और सुमित श्रीवास की जमानत याचिका दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद खारिज कर दी. इसके साथ ही, उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने का आदेश दिया.

जिला अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने बताया कि तीनों आरोपियों को 13 दिसंबर को गिरफ्तार किया था. वे पिछले 6 दिनों से पुलिस हिरासत में थे. पुलिस हिरासत अवधि खत्म होने के बाद उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया गया था.

शेख ने बताया कि पाटिल और उसके दो साथियों पर आरोप है कि उन्होंने भय्यू महाराज के परिचित वकील निवेश बड़जात्या को 10 दिसंबर को फोन कर उससे पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और यह रकम न चुकाए जाने की सूरत में उन्हें जान से मार डालने की धमकी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है.