आत्मनिर्भर महिलाओं के काम से खुश हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, बोले- यही विकसित भारत की ताकत

भोपाल में आत्मनिर्भर महिला सम्मान कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महिलाओं से बातचीत की. जानिए कैसे शिक्षा, कौशल और नई पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं.

Published: June 13, 2026, 8:27 PM IST

भोपाल में आयोजित ‘आत्मनिर्भर महिला सम्मान’ कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आत्मनिर्भर महिलाओं से मुलाकात कर उनके काम को करीब से देखा. इस दौरान, उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और नए सोच की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज देश की नारी शक्ति केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता के दम पर अपनी अलग पहचान बना रही है. महिलाओं की सफलता की कहानियों ने उन्हें काफी प्रभावित किया और उन्होंने इसे देश के विकास का मजबूत आधार बताया.

महिला सशक्तिकरण को लेकर क्या सोचती है सरकार

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. उन्होंने लखपति दीदी (Lakhpati Didi Yojana) का जिक्र करते हुए कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार के साथ शिक्षा, कौशल विकास और नए अवसरों को अपनाकर समाज में बदलाव ला रही हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे अवसर देना भी जरूरी है जिससे वे अपने सपनों को नई दिशा दे सकें.

शिक्षा, रिसर्च और कौशल विकास से खुलेंगे नए रास्ते

धर्मेंद्र प्रधान ने उन महिलाओं की भी सराहना की जो उच्च शिक्षा, PhD और डबल ITI जैसे कार्यक्रमों के जरिए अपने भविष्य को बेहतर बना रही हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा सबसे मजबूत माध्यम है. इसी दिशा में महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से IGNOU के साथ मिलकर नए प्रयास किए जाएंगे. साथ ही IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को भी इस पहल से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है, ताकि महिलाओं को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण और करियर के अवसर मिल सकें.

कचरे से उत्पाद बनाने वाली पहल को बताया प्रेरणादायक

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मंदिरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों से नए उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं के प्रयासों की भी सराहना की. उन्होंने इसे स्वच्छता, रचनात्मक सोच और आत्मनिर्भरता का अच्छा उदाहरण बताया. धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्र सरकार की गोवर्धन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी पहलें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और नए अवसर भी तैयार करती हैं.

विकसित भारत में नारी शक्ति का बड़ा रोल

अपने संबोधन के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भोपाल को स्वच्छ, सुंदर और आत्मनिर्भर बनाने में महिलाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने PNG के उपयोग को बढ़ावा देने की बात भी कही और इसे बेहतर जीवनशैली व पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा. उन्होंने विश्वास जताया कि मातृ शक्ति की भागीदारी से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा और आने वाले समय में भोपाल का हर घर नारी शक्ति की सफलता और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखेगा.

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