इंदौर : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) के कांग्रेस (Congress) पार्टी के दफ्तर गांधी भवन में उस समय हंगामा बरप गया जब ध्वजा रोहण के समय कांग्रेस नेता आपस में ही भिड़ गए और इतने गुस्से में आ गए कि एक-दूसरे को तमाचे मारने लगे. दरअसल, घटना उस वक्त की है, जब पार्टी दफ्तर में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम चल रहा था. ऐसे में जब कार्यक्रम में ध्वजारोहण होना था, उसी वक्त दो कांग्रेसी नेता झंडा फहराने को लेकर आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर घूंसे बरसाने लगे. ये देख आस-पास मौजूद लोग हैरान रह गए और नेताओं में चल रही मारपीट में बीच-बचाव करने उतर पड़े. Also Read - MP: रात के अंधेरे में कुंए में SUV गिरने से पुलिस-इंस्‍पेक्‍टर और सिपाही की मौत, सुबह गांव वाले खेत पहुंचे तो पता चला

दरअसल, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के हाथों झंडारोहण होने वाला था, लेकिन इससे पहले ही यहां हंगामा बरप गया, जिसे शांत कराने के लिए वहां मौजूद पुलिसवालों को बीच-बचाव करना पड़ा. नेताओं को शांत कराने के बाद पार्टी दफ्तर के पास तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों नेताओं को समझाया और मामला शांत कराया. मिली जानकारी के मुताबिक जो नेता आपस में भिड़े थे उनका नाम देवेंद्र सिंह यादव और चंदू कुंजीर है. Also Read - Nathuram Godse की मूर्ति लगाने में शामिल रहे Hindu Mahasabha के नेता ने ज्‍वाइन की Congress, एमपी में सियासत गर्माई

वहीं घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल (Viral) हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे चूंद कुंजीर देवेंद्र सिंह यादव पर थप्पड़ बरसा रहे हैं, जिसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों नेताओं के समर्थक भी आपस में बहस करने लगे. Also Read - MP के पन्‍ना में मजदूर को मिला 14.09 कैरेट का Diamond, बदल गई किस्‍मत

मामला बढ़ता देख पुलिस को बीच में कूदना पड़ा और दोनों नेताओं को शांत कराया गया. वहीं फिर मामला तूल ना पकड़ ले, इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने चंदू कुंजेर को रस्सी के बने बैरिकेट्स के बाहर भेज दिया.

पुलिस ने किया बीच-बचाव
बता दें कि जहां यह घटना हुई वहां खुद सीएम कमलनाथ ध्वजारोहण करने वाले थे. वह इस कार्यक्रम के लिए शनिवार शाम ही इंदौर पहुंचे. बताया गया कि सीएम के पहुंचने पर कुंजीर 10 से 15 लोगों को लेकर मंच पर जाने लगा. यादव ने उन्हें ऐसा करने से रोका जिस पर विवाद बढ़ गया. कांग्रेस नेताओं और पुलिस के हस्तक्षेप से मामले का तुरंत पटाक्षेप हुआ.