भोपाल: मध्यप्रदेश में भाजपा की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार फातिमा रसूल सिद्दीकी ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सभी धर्म और जाति वर्ग के लोगों के लिए किए गए बेहतर कामों से प्रभावित होकर वह बीजेपी में शामिल हुई हैं. बता दें कि फातिमा मध्यप्रदेश में भाजपा की एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस ने प्रदेश में तीन मुस्लिम उम्म्दवारों आरिफ अकील को भोपाल उत्तर, आरिफ मसूद को भोपाल मध्य और मसर्रत शाहीद को विदिशा जिले की सिरोंज विधानसभा सीट से मौका दिया है. मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं.Also Read - PM मोदी बोले- इन लोगों की पहचान समाजवादी नहीं, परिवारवादी की बन गई, सिर्फ अपने परिवार का भला किया

प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता रसूल अहमद सिद्दीकी की 35 साल की बेटी फातिमा पिछले गुरुवार को ही भाजपा में शामिल हुई. उसके कुछ घंटों बाद ही भाजपा ने उन्हें भोपाल उत्तर से कांग्रेस के वर्तमान विधायक आरिफ अकील के खिलाफ अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. अकील इस विधानसभा सीट से लगातार पांच बार से विधायक हैं और 1993 में विधानसभा चुनाव अकील ने फातिका के पिता के खिलाफ ही लड़ा था. Also Read - Desh Ka VVIP Ped: एक पत्ता भी टूट जाए तो मच जाता है हड़कंप, जानिए क्यों खास है ये वीवीआईपी पेड़

भोपाल उत्तर सीट पर यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार के खिलाफ भाजपा ने भी मुस्लिम उम्मीदवार उतारा हो. पिछले विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा के आरिफ बेग कांग्रेस के आरिफ अकील से 7,000 मतों से पराजित हुए थे. पहली बार चुनावी रण में उतरी फातिमा का ताल्लुक पुराने कांग्रेसी परिवार से है. Also Read - Punjab Polls: कांग्रेस से जुदा हुईं अमरिंदर की राहें! पंजाब के पूर्व CM का नई पार्टी बनाने का ऐलान; BJP से इस 'शर्त' पर गठबंधन

उनके पिता रसूल अहमद सिद्दीकी भोपाल उत्तर सीट से 1980 और 1985 में दो दफा कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर जीते थे. लेकिन 1993 के विधानसभा चुनाव में रसूल अहमद यहां से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए थे और उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था. उस चुनाव में भाजपा के रमेश शर्मा विजयी हुए थे.

दांतों की डॉक्टर फातिमा के पति अब्दुल सलाम ने बताया कि 20 साल पहले सिद्दीकी की मौत के बाद उनकी पत्नी ने भोपाल उत्तर सीट से कांग्रेस का टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें यह नहीं मिला और तब से इस परिवार का कांग्रेस से नाता टूट गया.

फातिमा ने कहा कि उनके पिता जीवन भर गंगा जमुनी तहजीब के समर्थक रहे और ऐसा ही व्यवहार मुख्यमंत्री चौहान का है. उन्होंने कहा, इलाके में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करना मेरी प्राथमिकता है.