भोपाल: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के जल पर्यटन स्थल हनुवंतिया द्वीप क्षेत्र में हुई मारपीट की घटना के बाद आईटीबीपी हवलदार अमित सिंह ने पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ सोशल मीडिया पर आक्रोश जाहिर करते हुए नया ‘पान सिंह’ बनने की धमकी दी है. अमित सिंह ने अपने को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में जम्मू में पदस्थ हवलदार बताया है. सिंह की यह पोस्ट मीडिया की सुर्खियां बनने के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.Also Read - Parliament’s Monsoon Session 2021: देश की खातिर 5 साल में कितने जवान शहीद हुए? सरकार ने संसद में दी जानकारी

अमित ने अपने पोस्ट में इन शब्दों में धमकी दी है, “मेरे साथ और मेरे भाई के साथ न्याय करें, मजबूर न करे, नया पान सिंह तोमर बनने के लिए, मुझे बंदूक चलाने की ट्रेनिंग नहीं लेना पड़ेगी.” Also Read - Mandir Ka Video Viral: सावन की पहली सोमवारी पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में टला बड़ा हादसा, यूं मची थी भगदड़

अमित ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली है, जिसमें कहा है कि मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में परिजनों के साथ 16 अगस्त को इंदिरा सागर बांध के पास एमपी टूरिज्म के जल पर्यटन स्थल हनुवंतिया टापू पर वह पिकनिक मनाने गए थे, जहां उनका निजी सुरक्षा गार्डो के साथ बच्चों के लिए दूध की बोतलें और बिस्कुट ले जाने की अनुमति नहीं देने की वजह से विवाद हुआ. बात बढ़ी तो वहां तैनात गार्ड चरण सिंह गोंड और दूसरे सुरक्षा गार्डों ने उनके परिवार पर ईंट, लाठी और यहां तक कि बीयर की बोतलों से भी हमला किया. इस हमले में उनके छोटे भाई की आंखों की 80 प्रतिशत दृष्टि चली गई. Also Read - ITBP GD Constable Recruitment 2021: ITBP में कांस्टेबल के पदों पर बिना परीक्षा के मिल सकती है नौकरी, 10वीं पास जल्द करें आवेदन, होगी अच्छी सैलरी

अमित ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया, “सुरक्षा गार्डो ने, विशेष रूप से मेरे भाई अतुल सिंह पर बीयर की बोतल से सिर पर हमला किया और उनके द्वारा फेंके गए पत्थरों में से एक से अतुल की दाहिनी आंख में चोट लगी, जिस उसने आंख की 80 प्रतिशत दृष्टि खो दी है. मेरे घायल भाई अतुल का इंदौर में इलाज चल रहा है. हमें सूजन वाली दाहिनी आंख की 80 प्रतिशत दृष्टि वापस लाने के लिए उसे चेन्नई ले जाने के लिए कहा गया है.”

अमित का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद नहीं की. उनकी शिकायत पर दो पहचान वाले गार्डो और 15 अज्ञात गार्डों और नाविकों के खिलाफ साधारण आईपीसी की धाराओं के तहत अपमानजनक व्यवहार, शारीरिक हमला और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया, जबकि गंभीर चोट लगने के कारण हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.

अमित ने यह भी आरोप लगाया, “सुरक्षा गार्ड एक सत्तारूढ़ कांग्रेस नेता के करीबी रिश्तेदार द्वारा चलाई जा रही एक सुरक्षा एजेंसी से थे, इसलिए पुलिस ने भी हम पर हमला करने वालों और हमारी बहनों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर समान आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज किया.”

वहीं, खंडवा के पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल गुर्जर ने रविवार को को बताया कि खंडवा में हनुवंतिया द्वीप राज्य पर्यटन विकास निगम का जल पर्यटन स्थल है, यहां किसी भी तरह की खाने पीने की वस्तु या पेय पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं है. 16 अगस्त को कुछ लोग जबरदस्ती खाद्य पदार्थ और पेय ले जाने की जिद कर रहे थे, इसको लेकर दोनों ओर से मारपीट हुई थी, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है.

अमित सिंह द्वारा की गई पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मारपीट में शामिल कोई भी व्यक्ति सेना का जवान है, ऐसी जानकारी नहीं है. जिस व्यक्ति की आंख में चोट आने की बात कही जा रही है, उसकी आंख में पहले से ही चोट थी. इस मामले की डॉक्‍टरों से जांच कराई जाएगी और आगे की कार्रवाई होगी.