जबलपुर: मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने ऑलाइन भोजन आपूर्ति करने वाली कंपनी जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय के धर्म के कारण ऑर्डर रद्द करने वाले जबलपुर के निवासी अमित शुक्ला के खिलाफ गुरुवार को ‘एहतियातन कार्रवाई’ शुरू कर दी. पुलिस ने जोमैटो के ग्राहक अमित शुक्ला को इस मामले में नोटिस जारी कर लिखित शपथपत्र देने को कहा है कि वह भविष्य में धार्मिक नफरत का प्रसार नहीं करेगा. पुलिस ने उसके खिलाफ सीआरपीसी की धाराओं 107 एवं 116 के तहत कार्रवाई करते हुए शुक्ला को इस मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है.

जबलपुर के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह ने कहा, ”सिटी पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जोमैटो के खाने की डिलीवरी करने वाले व्यक्ति के धर्म के कारण ऑर्डर रद्द करने वाले अमित शुक्ला के खिलाफ आज ‘एहतियातन कार्रवाई’ शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उसे निगरानी में रखा है.

सिंह ने बताया कि शुक्ला के खिलाफ ‘एहतियातन कार्रवाई’ शुरू कर दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धर्म के नाम पर बवाल न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस ने शुक्ला से इस मामले में लिखित शपथपत्र देने को कहा है कि वह आगे से किसी धार्मिक नफरत का प्रसार नहीं करेगा, जिससे सामाजिक एवं धार्मिक ताना-बाना खराब हो. सिंह ने बताया कि शुक्ला ने उन संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन किया है, जिसमें अस्पृश्यता एवं धार्मिक सद्भावना को बिगाड़ने के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने उसके खिलाफ सीआरपीसी की धाराओं 107 एवं 116 के तहत कार्रवाई की है. सिंह ने बताया कि शुक्ला को इस मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि शुक्ला शहर के गढ़ा पुलिस थाने इलाके का निवासी है, इसलिए पुलिस ने इस मामले को गढ़ा पुलिस थाने को भेज दिया है.

बता दें मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले अमित शुक्ला ने जोमैटो से खाना मंगाया. जब शुक्ला ने देखा कि खाना पहुंचाने आया व्यक्ति मुस्लिम है, तो उसने जोमैटो से अलग डिलीवरी ब्वॉय भेजने को कहा.

शुक्ला ने मंगलवार की रात ट्वीट किया, ”अभी-अभी मैंने जोमैटो से एक ऑर्डर रद्द किया. उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही आर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं. मैंने कहा कि आप मुझे खाना लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते हैं. मुझे पैसा वापस नहीं चाहिए, बस ऑर्डर रद्द करो.” उसने जोमैटो के कस्टमर केयर से की गयी बातचीत का स्क्रीनशॉट भी लगाया था और कहा था कि वह अपने वकील से इस बारे में परामर्श करेगा. जोमैटो ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, ” खाने का कोई धर्म नहीं होता है. खाना खुद ही एक धर्म है.

कंपनी इस रुख पर टिकी रही और डिलीवरी ब्वॉय बदलने से मना कर दिया. जोमैटो ने अपने एक ग्राहक के धार्मिक भेदभाव वाले रवैए का जिस तरह से मुकाबला किया है, उसको सोशल मीडिया पर खूब समर्थन मिल रहा है.